फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras News: कुर्ते-शेरवानी की मंडी बना हाथरस

विज्ञापन
शहर की रेडीमेड गारमेंट्स फैक्टरी में तैयार होती शेरवानी व कुर्ते। संवाद - फोटो : Samvad
विज्ञापन
जिले का रेडीमेड गारमेंट्स कारोबार विस्तार ले रहा है। अब तक केवल बच्चों के कपड़ों तक सीमित रहने वाला यह कुटीर उद्योग अब बड़ों के परिधानों खासकर स्टाइलिश कुर्ते और शेरवानी के निर्माण का प्रमुख केंद्र बन रहा है। सात कारखानों में लगभग तीन करोड़ रुपये के कपड़े बनाए जा रहे हैं।
विज्ञापन





सहालग को देखते हुए शहर की गारमेंट्स मंडी में इन दिनों हलचल बढ़ गई है। कारोबारी आधुनिक डिजाइन और आकर्षक पैटर्न के कुर्ते-शेरवानी तैयार करने में जुटे हैं, जिनकी मांग लगातार बढ़ रही है। स्थानीय निर्माताओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की आपूर्ति अब केवल जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी बड़े स्तर पर भेजा जा रहा है।



इससे कारोबारियों को अच्छा लाभ मिल रहा है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि बदलते फैशन ट्रेंड, सस्ते व बेहतर गुणवत्ता वाले परिधानों के कारण हाथरस के उत्पादों की मांग में इजाफा हुआ है।
विज्ञापन




सहालग से पहले ही बड़े ऑर्डर मिलने शुरू हो गए हैं, जिससे बाजार में रौनक है। कुल मिलाकर रेडीमेड गारमेंट्स के क्षेत्र में हाथरस अब तेजी से पहचान बना रहा है और आने वाले समय में यह कारोबार और अधिक विस्तार की ओर बढ़ सकता है।





इस समय हम लोग सहालग के लिए शेरवानी व कुर्ते तैयार कर रहे हैं। जिसकी आपूर्ति बरेली, पीलीभीत, नवाबगंज, मथुरा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड में हो रही है।
-पंकज अग्रवाल, रेडीमेड गारमेंट्स कारोबारी।








हम लोग रेडीमेड गारमेंट्स कारोबार में बदलाव कर रहे हैं। हमें जिस हिसाब से आर्डर मिल रहे हैं, उसी हिसाब से अब हम माल तैयार कर रहे हैं। हाथरस में उत्पाद बदल रहे हैं।
विज्ञापन

जितेंद्र कुमार शर्मा, रेडीमेड गारमेंट्स कारोबारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें