न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में दो दिन में तीन शिक्षकों की मौत हो गई। ये तीनों चुनाव ड्यूटी के बाद कोरोना संक्रमित हुए थे। इनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। शिक्षकों की मौत से बेसिक शिक्षा विभाग के अन्य शिक्षकों में भय है। यहां पर शिक्षक चुनाव कराने को लेकर सरकार को कोसते हुए नजर आ रहे हैं।
पंचायत चुनाव के बाद जिले में अब तक 18 से ज्यादा शिक्षकों की मौत कोरोना संक्रमण के चलते हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर की ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगी थी। विकास खंड मुरसान के प्राथमिक विद्यालय नगला धर्मा के एक शिक्षक चुनाव को जाते वक्त ही बीमार थे। चुनाव से लौटने के बाद जांच कराने पर कोरोना संक्रमित पाए गए। इसके बाद उनका उपचार भी हुआ, लेकिन शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला फारम में तैनात जाफराबाद निवासी शिक्षक की शनिवार को मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि इनकी भी चुनाव में ड्यूटी लगी थी। तभी से वह बीमार चल रहे थे। प्राथमिक विद्यालय टीकरी में तैनात एक शिक्षक की भी शनिवार को मौत हो गई। इनके अलावा कई शिक्षक-शिक्षिकाएं अपना उपचार करा रहे हैं। शिक्षकों की मौत को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के के लोगों में भय है और अब इन मौतों के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि न पंचायत चुनाव होता और न हीं इन शिक्षकों की ड्यूटी लगती।