झुलसा रोग से नष्ट हुई आलू की फसल
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शीतलहर ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी है। किसानों को अब खेतों में आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाने की चिंता लगी हुई है। सहपऊ कस्बा निवासी रघुवीर सिंह उर्फ बोना की झुलसा की दवा लगाने के बाद भी तीन बीघा आलू की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई।
किसानों को कहना है कि कोहरा में आलू की फसल को अधिक हानि नहीं होती। सबसे अधिक हानि सूर्य नहीं निकलने से होती है। झुलसा रोग आलू की फसल के लिए महामारी की तरह होती है। यदि खेत में किसी भी एक पौधे में झुलसा रोग लग जाए तो अन्य पौधों को झुलसा रोग आने से कोई रोक नहीं सकता है। इस रोग से बचने के लिए पहले से ही रोकथाम करनी चाहिए।
मेरी तीन बीघा आलू की फसल झुलसा रोग आने से नष्ट हो गई। अब एक दो दिन में उस खेत के आलू खुदवाकर अन्य फसल बोने का विचार कर रहा हूं। दूसरे खेत में लगी आलू की फसल पर दवा का छिड़काव कर रहा हूं। -
रघुवीर सिंह उर्फ बोना
झुलसा रोग आलू की फसल के लिए एक महामारी है। इसके बचने के लिए दवा के साथ खेतों में धूप लगना बहुत ही आवश्यक हैं। देखों अब ठीक प्रकार कब धूप निकलती है।
- राहुल पाठक
झुलसा रोग आलू के लिए बहुत ही खतरनाक है। इस रोग से आलू की पूरी फसल नष्ट हो जाती है। आलू का फूलना बंद हो जाता है। इसके लिए पहले से पूरे इंतजाम करने चाहिए।
- संजय खान