न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
आम तौर मौसम में बदलाव के कारण बिजली अधिकारियों को आपूर्ति व्यवस्थित रखने में काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन इस बार गर्मी कम पड़ने से बिजली विभाग को हजारों रुपये की बचत हुई है। हर बार गर्मी के मौसम में ट्रांसफॉर्मरों को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए बिजलीघरों पर बड़े कूलर लगाने की जरूरत पड़ती थी, लेकिन इस बार इसकी जरूरत नहीं पड़ी। नतीजा, विभाग को कूलर लगाने पर खर्च होने वाले हजारों रुपये की बचत हुई है।
उल्लेखनीय है कि जिले में 64 बिजलीघरों के जरिये बिजली विभाग द्वारा करीब सवा दो लाख उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। अधिकांश सबस्टेशनों पर दस एमबीए के ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ट्रांसफार्मर का तापमान बढ़ने लगता है, जिससे ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है। इसको ध्यान में रखते हुए बिजली विभाग को ट्रांसफॉर्मरों को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए हर साल बड़े कूलर किराये पर लेकर लगाने पड़ते थे, लेकिन इस बार मौसम की मेहरबानी की वजह से ऐसा करने की जरूरत नहीं पड़ी है।
इस बार ट्रांसफार्मरों का हीटिंग लोड भी सही चल रहा है, इसलिए विभाग को कूलर पर खर्च होने वाले पैसों की बचत हो गई है। हालांकि अधिकारियों ने एहतियातन अधीनस्थों को ट्रांसफॉर्मरों का लोड चेक करते रहने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि यदि जरा भी ट्रांसफार्मर गर्म हों तो कुछ देर के लिए आपूर्ति को बंद कर दें। लेवल सही होने पर फिर चालू करें।