न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शासन द्वारा इस बार नगर निकाय में आरक्षण की जिस हिसाब से घोषणा की है। उसमें केवल नगर पालिका सिकंदराराऊ की सीट ही अनारक्षित है। इसके अलावा जिले की सभी सीटें आरक्षित हैं। पिछली बार जिले में पांच सीटें अनारक्षित थीं। इस बार ओबीसी के लिए तीन और अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए एक सीट आरक्षित हुई है।
जिले में दो नगर पालिका व सात नगर पंचायतें हैं। वर्ष 2017 में नगर निकाय चुनाव में जब शासन ने आरक्षण घोषित किया था। उसमें हाथरस नगर पालिकाध्यक्ष का पद अनारक्षित था। तब यह पद डेढ़ दशक बाद अनारक्षित हुआ था। इस बार इसे फिर अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। वर्ष 2017 में सिकंदराराऊ नगर पालिका में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था।
इस बार यह अनारक्षित है। सासनी नगर पंचायत का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। हसायन नगर पंचायत अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित था। इसके अलावा पुरदिलनगर नगर पंचायत का पद महिला के लिए आरक्षित था। सादाबाद, मुरसान, मेंडू और सहपऊ नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद अनारक्षित थे। इस बार नगर पंचायतों के अध्यक्ष के सभी पद आरक्षित हैं।
वर्ष 2017 में यह भी नगर निकाय अध्यक्ष पदों में आरक्षण की स्थिति---
हाथरस नगर पालिका अध्यक्ष अनारक्षित।
सिकंदराराऊ नगर पालिका अध्यक्ष अनुसूचित जाति।
सासनी नगर पंचायत अध्यक्ष अनुसूचित जाति।
हसायन नगर पंचायत अध्यक्ष अनुसूचित जाति महिला।
पुरदिलनगर नगर पंचायत अध्यक्ष महिला।
सहपऊ, मेंडू, मुरसान व सादाबाद नगर पंचायत अध्यक्ष अनारक्षित।