न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला पंचायत अध्यक्ष का पद सामान्य होने की जानकारी मिलते ही शुक्रवार को जिले में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अभी तक सबकी टकटकी इस पर लगी थी कि आखिर जिला पंचायत अध्यक्ष पद आरक्षित होगा या नहीं, लेकिन जैसे ही शाम को राजनेताओं को यह जानकारी मिली कि हाथरस जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पिछली बार की तरह अनारक्षित होगा तो जिले के बड़े राजनेताओं ने अपने समीकरण साधने शुरू कर दिए। इस पद के प्रमुख दावेदारों ने फिलहाल जिला पंचायत सदस्य के लिए तैयारी शुरू कर दी है। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय और पूर्व अध्यक्ष ओमवती यादव ने फिर मैदान में उतरने का ऐलान भी कर दिया है।
यदि हाथरस जिला पंचायत अध्यक्ष पद की स्थिति देखें तो यह पद ज्यादातर सामान्य वर्ग के लिए ही रहा है। बीच में कुछ समय के लिए यह पद जरूर पिछड़ा वर्ग पुरुष और पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित हुआ था। पिछले कार्यकाल में भी यह पद अनारक्षित था। इस पद पर लंबे समय तक पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के किसी परिजन या समर्थक का ही कब्जा रहा है। वर्तमान में भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर उनके भाई विनोद उपाध्याय ही काबिज थे।
हालांकि पिछले कार्यकाल के दौरान कई बार उठापटक हुई और बीच में ओमवती यादव भी इस पद पर काबिज र्हुइं। उपाध्याय परिवार के चार सदस्य पिछली बार भी जिला पंचायत के सदस्य निर्वाचित हुए थे। अब जब यह पद अनारक्षित हो गया है तो यह तय है कि इस पद के लिए चुनाव भी खासा हाईटेक होगा। जिले के बड़े सियासी चेहरे इस पद के लिए दावेदारी करेंगे या कराएंगे। प्रमुख राजनीतिक पार्टियां भी इस चुनाव में अपनी भूमिका निभाएंगी। हालांकि इस पद के लिए चुनाव पार्टीगत से ज्यादा व्यक्तिगत आधार वाला ज्यादा है। वहीं सीट के सामान्य होने के बाद निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओमवती यादव ने फिर से चुनाव लड़ने की घोषणा की है। इस पद के प्रमुख दावेदार जिला पंचायत सदस्य के चुनाव की तैयारी में लगे हैं, जिससे वह अध्यक्ष पद के दावेदार बन सकें।
तो फिर सदस्यों की आ जाएगी मौज
हाथरस। इस बार चूंकि फिर हाथरस जिला पंचायत अध्यक्ष का पद सामान्य हो गया है तो ऐसे में यह भी तय माना जा रहा है कि इस पद के लिए मुकाबला कांटे का होगा। सदस्य बनने के लिए भी प्रत्याशी एड़ी से लेकर चोटी तक का जोर लगा देंगे। वैसे भी पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय सहित कई राजनेताओं ने यह टिप्पणी की थी कि पिछले चुनाव में एक-दो सदस्यों को छोड़कर बाकी सदस्य ज्यादातर सदस्य बार करोड़ों रुपये में बिके थे। ऐसे में इस बार भी जो जिला पंचायत सदस्य चुने जाएंगे, उनकी मौज आ जाएगी।
परिवार के कुछ सदस्य जिला पंचायत सदस्य के लिए चुनाव लड़ेंगे, लेकिन अध्यक्ष के लिए मैं ही चुनाव लडूंगा और सभी के सहयोग से फिर जिला पंचायत अध्यक्ष बनूंगा।
-विनोद उपाध्याय, निवर्तमान अध्यक्ष, जिला पंचायत हाथरस
ओमवती यादव फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगी। पहले भी वह चुनाव लड़ी थीं और जीत हासिल की थी। इस बार फिर पार्टी चुनाव लड़कर अपना परचम फहराएगी।
-जसवंत सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा
प्रदेश नेतृत्व जिस नाम पर मुहर लगा देगा, उसे ही पार्टी चुनाव लड़ाएगी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए पार्टी ने पूरी तैयारी कर रखी है। पार्टी काफी समय से चुनाव की तैयारी में लगी है।
-गौरव आर्य, जिलाध्यक्ष भाजपा
बसपा की तैयारी पहले से ही चल रही हैं। हर वार्ड में प्रत्याशियों की लंबी लाइन है। पार्टी चुनाव के लिए तैयार है। स्वच्छ छवि वाले, ईमानदार व्यक्ति को ही प्रत्याशी बनाया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष बसपा का ही बनेगा।
-बनी सिंह जाटव, जिलाध्यक्ष बसपा
पार्टी आलाकमान के निर्देश पर पूरी दमदारी के साथ जिला पंचायत का चुनाव लड़ा जाएगा। अध्यक्ष पद के लिए भी दमदारी से चुनाव लड़ेंगे।
-चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, जिलाध्यक्ष कांग्रेस