न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन के दौरान कलेक्ट्रेट में सियासी सरगर्मी उफान पर रही। दोनों खेमे अपने लाव-लश्कर के साथ वहां पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों को यह डर भी था कि कहीं दोनो खेमों में शक्ति प्रदर्शन की नौबत न आ जाए और आमने-सामने न आ जाएं। हालांकि ऐसा हुआ नहीं। नामांकन शांतिपूर्वक तरीके से हो गया।
कलेक्ट्रेट में सोमवार को खासी गहमागहमी रही। सबसे पहले सीमा उपाध्याय ने नामांकन किया। वह तो अन्य भाजपा पदाधिकारियों के साथ भाजपा के जिला कार्यालय से अपने लाव-लश्कर के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची। उनके साथ मुख्य रूप से भाजपा के जिला प्रभारी राजा वर्मा, विधायक हरीशंकर माहौर, विधायक वीरेंद्र सिंह राना, जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा, रूपेश उपाध्याय, पूर्व विधायक यशपाल सिंह चौहान, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय, रामवीर सिंह भैयाजी, शहर अध्यक्ष शरद माहेश्वरी, बृजेश चौहान सहित काफी भाजपाई थे।
इसमें जिला पंचायत के 15 सदस्य भी शामिल थे। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय भी अपनी पत्नी के समर्थन में कलेक्ट्रेट में अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। वहीं दूसरे खेमे की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन, एमएलसी जसवंत सिंह यादव, पूर्व विधायक प्रताप चौधरी, पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, रमेश ठेनुआं, गुड्डू चौधरी सहित काफी नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे। ऐसे में सियासी पारा गरम रहा।
काफी पुलिस बल रहा तैनात
हाथरस। कलेक्ट्रेट के बाहर काफी पुलिस बल तैनात रहा। वहां गाड़ियों का जमघट कई बार लगा और लोगों की भीड़ जमा हो गई। ऐसे में भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने वहां से वाहनों को हटाया। कुछ वाहन चालकों को चेतावनी भी दी। संवाद
दोनो खेमों के नेताओं में इशारों में हुई बातें
हाथरस। दोनो खेमों के कुछ नेता आमने-सामने मिले भी और आपस में उन्होंने एक दूसरे का हाल-चाल भी पूछा। इशारों में बातें भी र्हुइं। संवाद
कुछ नेताओं को पहले रोका और फिर जाने दिया
हाथरस। गेट पर तैनात पुलिस ने कई नेताओं को शुरू में रोक भी लिया। हालांकि बाद में इन नेताओं ने अपना परिचय दिया तो पुलिस ने उन्हें जाने दिया। पुलिस प्रशासन यह नहीं चाहता था कि कलेक्ट्रेट में भीड़ बढ़े। संवाद