न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर शौचालय तो बना दिए गए, लेकिन आज भी आधी आबादी इस योजना का लाभ लेने से वंचित है। शहर के मुख्य बाजारों में महिला शौचालयों की व्यवस्था नहीं होने के कारण महिलाओं को बाजार में खरीदारी के दौरान टॉयलेट की जरूरत पड़ने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नगर पालिका प्रशासन की ओर से शहर के मुख्य बाजारों में अभी तक कोई महिला शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत नगर पालिका परिषद हाथरस की ओर से शहर में नौ स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं, लेकिन महज आगरा रोड स्थित रोडवेज बस स्टैंड पर पिंक टॉयलेट बनाया गया है। खेदजनक बात यह है कि शहर के मुख्य बाजारों में कोई भी महिला शौचालय की व्यवस्था नहीं की गई है।
इस कारण महिलाओं को बाजार में खरीदारी के दौरान टॉयलेट लगने की स्थिति में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कुछ महिलाएं अपनी दुकानें भी चलाती हैं या दुकानों पर काम करती हैं। शहर के कमला बाजार, रामलीला मैदान, सरक्यूलर रोड आदि भीड़ वाले बाजार हैं। यहां महिलाओं के लिए एक भी टॉयलेट नहीं हैं। संवाद
महिलाओं की वेदना
शहर के बाजारों में महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। बाजार में खरीदारी के दौरान कहीं भी शौचालय की सुविधा तक नहीं है। इस कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
-चंद्रमुखी
घर से बाजार के लिए खरीदारी करने के लिए आई थी। खरीदारी के दौरान बाजार में शौचालय की सुविधा न होने के कारण पानी भी नहीं पी सकते हैं। घर जाकर ही पानी पीना पड़ता है।
-सपना शर्मा
नगर पालिका प्रशासन को शहर के मुख्य बाजारों में महिला शौचालय बनाने चाहिए, जिससे टॉयलेट की सुविधा मिल सके। बाजार में कुछ भी पेय पदार्थ नहीं पी सकते हैं, क्योंकि टॉयलेट आने पर भटकना पड़ेगा।
-पूजा चौधरी
ज्यादा देर तक टॉयलेट रोकने पर पेट से संबंधित बीमारी हो जाती हैं। इसके अलावा टॉयलेट ज्यादा देर तक रोकने पर इन्फेक्शन होने की आशंका भी बनी रहती है।
डॉ. प्रमोद कुमार, चिकित्सक।