न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
शासन और प्रशासन बेशक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करते हैं, लेकिन गांव टिकारी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली उनके दावों पर सवालिया निशान लगा रही है। इस स्वास्थ्य केंद्र पर एक चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट और एक सीएचओ तैनात हैं। यहां महिला चिकित्सक और नर्स की तैनाती नहीं है। इसकी वजह से महिला मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रसव के लिए महिला मरीजों को दूर-दराज के अस्पतालों में जाना पड़ता है या फिर 16 किमी दूर सासनी भागना पड़ता है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हेल्थ एटीएम मशीन लगी है, लेकिन यह दिखावटी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मशीन को लगे दो माह हो चुके हैं, लेकिन आज तक इसे चालू नहीं किया गया है। यहां न तो खून की जांच की जाती है और न ही एक्सरे मशीन की सुविधा है। इसके लिए भी मरीजों को दूसरी जगह जाना पड़ता है।
टिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छह बिस्तरों का अस्पताल है। यहां एक चिकित्सक डॉ. अनंत कुमार, फार्मासिस्ट दिनेश कुमार और सीएचओ मोहित की तैनाती है, लेकिन कोई गंभीर बीमारी होने पर क्षेत्र के लोगों को दूर-दराज ही भागना पड़ता है। यह स्वास्थ्य केंद्र रामभरोसे चल रहा है। न तो यहां पर्याप्त संख्या मेें स्टाफ है और न हीं लोगों की जांच के लिए कोई साधन है। इस कारण क्षेत्र की जनता को दूरदराज भागना पड़ता है। संवाद
इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला चिकित्सक नहीं हैं। महिलाओं के लिए वार्ड तो बना है, लेकिन उसमें इलाज की कोई विशेष सुविधा नहीं है।
-चंद्रवती
स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर तो आते हैं, लेकिन जांच एवं एक्स रे मशीन की सुविधा नहीं है। इस कारण मरीजों को दूर-दराज भागना पड़ता है। महिलाओं के प्रसव की कोई व्यवस्था नहीं है।
-श्यामू
इस स्वास्थ्य केंद्र पर हेल्थ एटीएम तो लगा है, लेकिन आज तक यह चालू नहीं हुआ है। यह लोगों का मुंह चिढ़ा रहा है। अगर यह चालू हो जाए तो काफी सुविधा मिल सकती है।
-ओमप्रकाश
मैं काफी बुजुर्ग हूं। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की कोई व्यवस्था नहीं है। क्षेत्रीय जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां प्रयोगशाला की तो व्यवस्था है, लेकिन जांच करने वाला कोई नहीं है।
-गेंदालाल शर्मा