मौसम का मिजाज देख किसानों के माथे पर पसीना
कई दिनों से हो रही बारिश से खेतों में हुआ जलभराव
आलू, सरसों के किसान चिंतित, नुकसान के आकलन में जुटे विभागीय लोग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। मौसम का मिजाज देखकर किसानों के माथे पर पसीना आ रहा है, क्योंकि दो दिनों तक हुई बारिश से खेतों में पानी भर गया है। अगर और बारिश हुई तो आलू और सरसों की फसल में किसानों को खासा नुकसान झेलना पड़ेगा। इस नुकसान का आंकलन विभागीय लोग करने में जुट गए हैं।
भले ही शुक्रवार को बारिश नहीं हुई, लेकिन पूरे दिन बादल आसमान में छाये रहे। इसे लेकर किसान काफी परेशान दिखे। ऐसे में किसानों ने एक ही बात कही कि अगर अब और बारिश आई तो आलू की फसल में नुकसान ही नुकसान होगा। ऐसे में किसान बारिश नहीं आने की दुआ मांगते रहे। दूसरी और कृषि विभाग के लोगों ने कई गांवों में जागकर बारिश से हुए नुकसान का आंकलन किया।
शहर से सटे गांव जोगिया में जिला कृषि रक्षा अधिकारी यतेंद्र सिंह व उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी डॉ. जितेंद्र शर्मा पहुंचे। यहां पर सरसों की फसल का जायजा लिया और बारिश से फसल को होने वाले नुकसान की हकीकत परखी।
उप कृषि निदेशक दफ्तर में हुई समीक्षा
हाथरस। उप कृषि निदेशक कार्यालय पर बारिश और ओलावृष्टि के आंकलन के लिए समीक्षा बैठक हुई। जिला कृषि रक्षा अधिकारी यतेंद्र सिंह व उप संभाग विषय वस्तु विशेषज्ञ, अन्य विभागीय लोगों के साथ चर्चा की गई। फसल में हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए कर्मचारियों को कुछ बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
किसानों के लिए सुझाव दिया गया कि वह खेतों में भरे हुए पानी की निकासी की व्यवस्था कर लें, क्योंकि इससे जड़ गलन, तना सडन के साथ साथ यदि मौसम साफ होकर धूप निकलती है तो झुलसा रोग की संभावना है।