ग्रामीण ने उकसाने पर कर ली थी आत्महत्या
कुछ लोगों ने शव को फेंक दिया था सादाबाद क्षेत्र में
पुलिस ने गायब ग्रामीण के मामले में अब किया खुलासा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। सवा महीने पहले हाथरस जंक्शन के गांव जहांगीरपुर से लापता ग्रामीण के मामले का पुलिस ने बृहस्पतिवार को खुलासा किया। पुलिस की मानें तो उसने पेड़ से लटकर आत्महत्या कर ली थी। यह कदम उसने कुछ लोगों के उकसाने पर उठाया था। बाद में इन लोगों ने उसके शव सादाबाद क्षेत्र में फेंक दिया था। वहां की पुलिस ने अज्ञात के रूप में शव को बरामद किया था और शव का पोस्टमार्टम कराया था। अब हाथरस जंक्शन पुलिस ने कपड़ों के आधार पर शिनाख्त की है।
कोतवाली हाथरस जंक्शन के एसएचओ मनोज कुमार शर्मा ने बताया के क्षेत्र के एक गांव का 55 साल का व्यक्ति भगेंद्र उर्फ भग्गा पुत्र अमृत सिंह दो सितंबर को रहस्यमय ढंग लापता हो गया था। उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी। उन्होंने बताया कि वह अविवाहित था और यह बात भी सामने आई है कि उसके एक महिला से संबंध थे। तीन चार माह से वह आगरा में उसी महिला के परिवार के साथ रह रहा था।
इस मामले की जांच की गई तो पता चला कि गांव की महिला व उसके परिवार के लोगों द्वारा उकसाने पर 15 सितंबर 2019 को उसने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और दुर्गपाल उर्फ एमपी सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि शराब पीकर भगेंद्र इस महिला के बारे में सार्वजनिक तौर पर गलत बातें कर रहा था। जिस पर उसे वहां से भगा दिया, जिसके बाद वहां से आकर उसने आगरा में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पेड़ पर लटकी लाश को देख महिला और उसके परिवार के लोग घबरा गए। इन लोगों ने उसके शव को पेड़ से उतार लिया।
कोतवाली निरीक्षक ने बताया कि लोडर टेंपो में डालकर यह लोग शव को जब जहांगीरपुर ला रहे थे तो खंदौली टोल प्लाजा से आगे पुलिस की गाड़ी को पीछे से आते देख घबरा गए। इन लोगों ने टेंपो को जारऊ बंबा की तरफ मोड़ दिया। सड़क के 200 मीटर अंदर शव को डालकर आगरा वापस लौट गए। सादाबाद क्षेत्र में 18 सितंबर को एक अज्ञात शव मिला। यह शव भगेंद्र का ही था। इसका पोस्टमार्टम कराया गया था । अब कपड़ों के आधार पर शव की शिनाख्त की गई। इस मामले में पुलिस ने दुर्गपाल एर्फ एमपी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक महिला और अर्जुन सिंह फरार हैं।