संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
हाथरस की जमीन पर कई ऐसी शख्सियत पैदा हुई हैं, जिनके कद के आगे क्षेत्र की सीमाएं छोटी हो गई। इन राजनेताओं ने जिले से बाहर भी जाकर अपनी राजनीति का लोहा मनवाया और अपनी राजनीति के क़ौशल से जिले और क्षेत्र से बाहर अपना परचम लहराया।
इसकी शुरुआत होती है आर्यान पेशवा राजा महेंद्रप्रताप से। विदेश में रहकर 32 साल तक आजादी की जंग लड़ने वाले राजा महेंद्र प्रताप का जन्म मुरसान में हुआ था। आजादी के बाद जब वह राजनीति में उतरे तो उन्होंने वर्ष 1957 में मथुरा से अटल बिहारी वाजपेयी जैसे हस्ती को परास्त कर दिया था।
राजा साहब के सामने अटल जी की जमानत जब्त हो गई थी। राजा महेंद्र प्रताप ने यह साबित कर दिया कि राजनीति में भी वह राजा ही हैं। सादाबाद के गांव बहरदोई के निवासी और अपनी शुरुआती राजनीति में यहां काफी सक्रिय रहने वाले रामजीलाल सुमन ने भी जिले से बाहर राजनीति में बड़े आयाम स्थापित किए।
वह फिरोजाबाद से चार बार सांसद रहे और चंद्रशेखर की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे। उनकी पत्नी प्रेमवती सुमन भी आगरा जिला पंचायत की अध्यक्ष रही। उनके बाई भाई नारायण सिंह सुमन भी प्रदेश सरकार में मंत्री रहे। रामजीलाल सुमन के बेटे रंजीत सुमन भी एटा जलेसर से विधायक रह चुके हैं।
इसी जिले के गांव बहरदोई के ही धर्मवीर प्रजापति वर्तमान में एमएलसी के साथ-साथ प्रदेश सरकार में मंत्री भी हैं। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने अपनी राजनीति तो यहां से शुरू की और पांच बार विधायक बने। उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय वर्तमान में भी जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।
हालांकि सीमा उपाध्याय ने भी जिले से बाहर जाकर राजनीति की और फतेहपुर सीकरी से वर्ष 2009 में सांसद चुनी गई। तब उन्होंने सिने स्टार और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को परास्त किया था।
राजा महेंद्र प्रताप सिंह। - फोटो : HATHRAS