न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विकास खंड सहपऊ के एचएम टीम के व्हाट्स एप ग्रुप में एक वीडियो शेयर किया गया। इसमें प्रधानाध्यापक द्वारा प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए कहा जा रहा है कि 15 रुपये झंडे के लिए लेकर आने हैं तो सब बच्चे लाएं 15-15 रुपये, कोई नहीं लाया ? सरकार का आदेश था कि सिर्फ दो ही बच्चे लाए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के विकास खंड सहपऊ के संविलियन विद्यालय बुढाइच के प्रभारी प्रधानाध्यापक बृजेश कुमार का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें उनके द्वारा बच्चों से प्रार्थना सभा के दौरान कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री का, शासन का, सभी का आदेश है कि अमृत महोत्सव मनाना है तो सभी लोग 15-15 रुपये झंडे के लिए लेकर आएंगे और झंडा प्लास्टिक का नहीं होना चाहिए। अगर 15 रूपये आप नहीं लाते हो तो 15 रुपये में थोक में झंडे सस्ते आ जाएंगे, अन्यथा आप खुद का झंडा भी कपड़े का खरीद सकते हो।
शिक्षक वीडियो में यह भी कहते दिख रहे हैं कि शासनादेश है उस दिन बीआरसी पर बैठक हुई थी। उसमें एबीएसए ने बताया था कि 15-15 रुपये प्रत्येक बच्चे को लेकर आने हैं झंडे के लिए, इसलिए अपना 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस है, इस पर आपको लाना चाहिए। कोशिश करो, लेकर आओ, मां-बाप देते हैं तो। मां-बाप से जबरदस्ती झगड़ना नहीं है, लड़ना नहीं है। अगर वो नहीं देते है तो ठीक है।
बीईओ ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
वीडियो में आजादी के अमृत महोत्सव की भावना के विपरीत शासनादेश में दिए गए निर्देशों को तोड़-मरोड़कर गलत रूप से छात्र-छात्राओं के सामने प्रस्तत करने वाले शिक्षक बृजेश कुमार को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सहपऊ ने कारण बताओ नोटिस दिया है। बीईओ शुभम सरोज ने नोटिस में कहा है कि 28 व 29 जुलाई 2022 में सभी प्रधानाध्यापकों को बैठक में यह स्पष्ट रूप से बताया गया था कि आप छात्र-छात्राओं के माध्यम से अभिभावकों को प्रोत्साहित करेंगे कि आजादी के अमृत महोत्सव में भाग लें और प्रत्येक अभिभावक अपने घर पर झंडा फहराएंगे। जहां ये झंडा आसानी से उपलब्ध हो सकता है, वहां से खरीद सकते हैं। झंडा उपलब्ध कराने वाले संबंधित स्वयं सहायता समूह का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया गया था, जबकि वीडियो में शिक्षक द्वारा छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के लिए मां-बाप शब्द का प्रयोग किया गया, जोकि पूर्णत: अशोभनीय एवं किसी भी शिक्षक द्वारा प्रयोगार्थ सभ्य वर्तनी का शब्द नहीं है। वीडियो में विद्यालय में उपस्थित समस्त छात्र-छात्राएं यूनिफॉर्म में नहीं थे। वीडियो से ऐसा प्रतीत होता है कि आपके द्वारा छात्र-छात्राओं को झंडे को उपलब्ध कराने की एवज में 15-15 रुपये लाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जो कि शासनादेश एवं विभागीय निर्देशों के पूर्णत: विपरीत है। वीडियो में शिक्षक काले रंग की टी शर्ट एवं जींस पहने हुए विद्यालय में छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे हैं। यह वेशभूषा शिक्षक की गरिमा के अनुकूल नहीं है।
इस संबंध में बीईओ द्वारा जांच की जा रही है। बीईओ ने आरोपी शिक्षक को नोटिस भी जारी किया है। जांच के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
-संदीप कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी