न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
राज्यपाल के कार्यक्रम में प्रशासन ने प्रगतिशील किसानों को बुलाया था, लेकिन इन किसानों का दर्द वहां झलक उठा। इन किसानों की यह टीस थी कि उन्हें कार्यक्रम में सुबह से बुला लिया गया है, लेकिन राज्यपाल से उनका कोई संवाद नहीं हो पाया। यहां तक सुबह से न भोजन मिला और न ही पानी। उन्होंने बताया कि उन्हें राज्यपाल कोई प्रशस्ति पत्र भी नहीं दिलवाया गया। इधर, सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए आईं स्कूली छात्राओं के लिए भी भोजन का प्रबंध नहीं था।