न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हसायन क्षेत्र के गांव खेरिया के निकट नहर के पानी में मिले युवक के शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। इसे लेकर पुलिस ने समाजसेवियों से संपर्क किया। इसके बाद लावारिस शव का दाह संस्कार एडीएचआर की देखरेख और समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में किया गया।
एक जुलाई 2021 को कोतवाली हसायन क्षेत्र के गांव खेरिया कलां में नहर के पास पानी में 28 वर्षीय अज्ञात युवक का क्षत-विक्षत और सड़ी-गली हालत में मिला था। जरैरा चौकी चौकी इंचार्ज अरविंद यादव व अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा शव को शिनाख्त के लिए 72 घंटे के लिए पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया था, लेकिन शव की शिनाख्त न होने के कारण शव को लावारिस घोषित कर पोस्टमार्टम कराया गया।
इसके बाद पुलिस द्वारा समाजसेवी सुनीत आर्य व प्रवीण वार्ष्णेय से शव के अंतिम संस्कार के लिए कहा गया। समाजसेवियों द्वारा शव का धार्मिक रीति रिवाज से अंतिम संस्कार पत्थर वाली स्थित श्मशान घाट पर किया गया। अंतिम संस्कार में सुनील अग्रवाल अध्यक्ष निस्वार्थ सेवा संस्थान, प्रवीण वार्ष्णेय राष्ट्रीय महासचिव एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स, समाजसेवी सुनीत आर्य, सौरभ सिंघल, कमलकांत दोबराबाल, नितिन अग्रवाल, सुरजीत कुमार काली, जितेंद्र कुमार, बंटी भाई कपड़े वाले एवं सिपाही अरविंद कुमार, जितेंद्र कुमार मौजूद रहे।