न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिजली विभाग में राजस्व वसूली की स्थिति इन-दिनों सही नहीं चल रही है। इस कारण अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें दिख रही हैं। अफसरों को इस महीने 52 करोड़ रुपये लक्ष्य को पूरा करने में पसीने छूटे हुए हैं। प्रबंध निदेशक (एमडी) ने बीते दिनों ओढ़पुरा स्थित बिजली कार्यालय में बैठक ली और स्थानीय अधिकारियों को वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। अगस्त माह में लक्ष्य से पिछड़ने वालों को आरोपपत्र दिए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग का जिले में करीब 700 करोड़ रुपया उधार है। तमाम कोशिशों के बावजूद विभाग को राजस्व का लक्ष्य हासिल नहीं हो पा रहा है। जुलाई माह में भी लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। अब निगम स्तर से जिले के बिजली अफसरों को 52 करोड़ रुपये का राजस्व वसूली का लक्ष्य मिला है। इसके सापेक्ष अभी तक 17 करोड़ रुपये हुआ है। कुछ खंडों में राजस्व की स्थिति सही नहीं है।
पिछले महीने भी लक्ष्य से वह पिछड़ गए थे। अब एमडी ने ओढ़पुरा बिजली कार्यालय में राजस्व की समीक्षा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि काम न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि अगस्त माह बीतने में चंद दिन बाकी रह गए हैं। लक्ष्य को लेकर अधिकारी मुश्किल में फंसे हुए हैं। कुछ एक्सईएन पर गाज भी गिरेगी। अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह का कहना है कि अगस्त माह में 52 करोड़ रुपये राजस्व की वसूली का लक्ष्य मिला है। संवाद