न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
नगर निकाय के चुनाव लेकर अब लोगों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। जैसे-जैसे नगर निकायों के कार्यकाल की समाप्ति का समय करीब आ रहा है, वैसे ही संभावित उम्मीदवारों की धुकधुकी बढ़ती जा रही है। नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की तैयारी करने वालों के सामने अभी असमंजस की स्थिति है। चुनावी रणनीति को धार देने के लिए वह आरक्षण की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
नगर पंचायत का सीमा विस्तार होने के बाद इस बार सहपऊ देहात के गांव नगला मेवा, तकिया, नगला बादाम एवं नगला सुखराम के मतदाता भी नगर पंचायत अध्यक्ष और सभासद चुनने के लिए मतदान करेंगे। इस बार आठ हजार से अधिक मतदाता मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
नगर पंचायत के सीमा विस्तार के बाद अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या में इस बार वृद्धि हुई है। अन्य पिछड़ी जाति के मतदाता भी बढ़े हैं, जबकि सामान्य वर्ग के मतदाता सिर्फ 80 ही बढ़े हैं। सीमा विस्तार होने के बाद भी सामान्य जाति के करीब 3850, अनुसूचित जाति के 2246 एवं अन्य पिछड़ी जाति के 2166 मतदाता हो गए हैं।
सीटों के आरक्षण की घोषणा होने के बाद यदि कस्बा की सीट सामान्य वर्ग की महिला अथवा पुरुष के लिए आती है तो नगर पंचायत में कम से कम दस उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपना भाग्य अजमाने के लिए तैयार हैं। यदि आरक्षण के तहत अनुसूचित महिला अथवा पुरुष के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित होता है तो भी कम से कम आठ संभावित प्रत्याशी अपना भाग्य अजमा सकते हैं।
राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो प्रदेश में भाजपा की सरकार होने पर भाजपा का टिकट पाने के लिए इनमें से कई प्रत्याशी लाइन में खड़े हैं। इसके बाद बसपा की बारी आती है। सपा एवं कांग्रेस में भी कई दावेदार सक्रिय हैं। वैसे नगर पंचायत के इतिहास में अभी तक किसी भी राजनीतिक दल का अध्यक्ष नहीं जीत पाया है। संवाद