न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने लंपी रोग से गोवंश की मौत के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान और गुजरात में एलएसडी बीमारी जून और जुलाई के महीने में व्यापक स्तर पर फैल गई थी, जिससे बड़ी संख्या में गोवंश की मौत हो गई। यूपी राजस्थान का सीमावर्ती राज्य है। प्रदेश में यह बीमारी न पनपे, इसके लिए अलर्ट हो जाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने कोई सावधान नहीं बरती।
निरीक्षण भवन में पत्रकारों से बातचीत में सुमन ने कहा कि गोवंश में जो टीकाकरण हो रहा है, उसमें अत्यधिक लापरवाही बरती जा रही है। वैक्सीन को ठंडे स्थान पर रखा जाता है और इसका तापमान 2 से लेकर 8 डिग्री तक होना चाहिए। देखने में यह आता है कि कभी-कभी पशु चिकित्सालय की ओर से ये वैक्सीन सीधे किसानों को दे दी जाती है। उत्तर प्रदेश में जब टीकाकरण शुरू हुआ, तब तक गोवंश में वायरस फैल चुका था। अस्वस्थ गायों में टीकाकरण से बीमारी और ज्यादा बढ़ती है। टीकाकरण स्वस्थ पशुओं में होना चाहिए। गायों में जो वैक्सीन लगाई जा रही है, ये गॉट पॉक्स वायरस के लिए है। यह बकरियों के लिए बनाई गई वैक्सीन है।
उन्होंने कहा कि अभी तक लंपी रोग की रोकथाम के लिए कोई वैक्सीन प्रदेश सरकार के पास नहीं है। जब बीमारी चरम सीमा पर पहुंच गई है। जाकर कहा जा रहा है कि इस बीमारी से संबंधित वैक्सीन बनाई जा रही है। इस बीमारी का दुष्परिणाम दुग्ध उत्पादन पर भी पड़ता है। इससे गाय की प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है। जो गाय 15 लीटर दूध देती है, बीमारी में वह सिर्फ दो या तीन लीटर ही दूध दे पाती है। वैसे भी राज्य सरकार की नीयत गायों को बचाने की नहीं है।
विभिन्न स्थानों पर जो गोशालाएं बनी हैं, उनमें राज्य सरकार से आहार के लिए सिर्फ 30 रुपये मिलते हैं। 30 रुपये से किसी पशु का पेट कैसे भरा जा सकता है। गायों के नाम पर देश और प्रदेश में तमाम जगह तनाव हुए। तथाकथित गो भक्तों ने कई लोगों की जानें भी ले लीं, लेकिन आज जब लाखों की संख्या में गायें मर रही हैं तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है। इस मौके पर अवधेश बाबा, शंकरलाल, मोनू जाटव आदि मौजूद रहे। संवाद