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हाथरस : आरएसएस कार्यकर्ता की मौत में एक और एसआई को एसपी ने किया निलंबित

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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक (संघ) आरएसएस कार्यकर्ता की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक ने एक और एसआई सर्वेश कुमार को निलंबित कर दिया है। वह भी आरएसएस कार्यकर्ता राजकुमार की हत्या में नामजद है। एसपी इस मामले में कोतवाली प्रभारी चतर सिंह राजौरा सहित चार पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित कर चुके हैं। वहीं एसओजी प्रभारी गिरीशचंद गौतम को कोतवाली चंदपा का नया कोतवाल बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राजू की मौत का कारण हृदय गति रुकना आया था।
आरएसएस के कार्यकर्ता राजकुमार उर्फ राजू की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक विकास कुमार वैद्य ने कोतवाली निरीक्षक चतर सिंह राजौरा, एक एसआई त्रिवेंद्र सिंह व दो कांस्टेबल को निलंबित कर दिया था। डीआईजी के आदेश के बाद कोतवाली प्रभारी, एसआई सर्वेश कुमार, कुछ पुलिसकर्मियों के अलावा गांव बिसाना के पांच नामजदों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। यह बात भी सामने आई थी।
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एसआई सर्वेश कुमार ने चिकित्सक की सलाह के बाद भी घायल राजकुमार का जिला अस्पताल में उपचार नहीं कराया था। अब एसपी ने सर्वेश कुमार को भी निलंबित कर दिया है। एसपी ने अब एसओजी प्रभारी गिरीशचंद्र गौतम को चंदपा थाने का नया कोतवाल नियुक्त किया है। डीआईजी अलीगढ़ रेंज दीपक कुमार ने मंगलवार को कहा था कि हत्या के मामले की विवेचना दूसरे जिले की अपराध शाखा करेगी।
फिलहाल, पुलिसकर्मियों व अन्य नामजदों के विरुद्ध हत्या के मुकदमे की विवेचना को अपराध शाखा को स्थानांतरित किया गया है। इसके बाद इस विवेचना को दूसरे जिले में स्थानांतरित किया जाएगा। इसे लेकर डीआईजी ने मंगलवार को ही निर्देश दिए थे। कोतवाली निरीक्षक चंदपा गिरीशचंद्र गौतम ने बताया कि हत्या के मुकदमे की विवेचना अपराध शाखा करेगी। वहां इसे स्थानांतरित किया जा रहा है।
पूरे प्रकरण में दर्ज कराए गए थे तीन मुकदमे
बिसाना में सोमवार की रात्रि में हुई मारपीट, पथराव और फायरिंग के बाद पुलिस हिरासत में राजकुमार की मौत के तीन मुकदमे दर्ज हुए थे। इसमें एक पक्ष की ओर से राजू के भाई महाराज सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उसने भूरा सहित 17 लोगों को नामजद किया था।
राजू के विपक्षी लोगों की ओर से भी मारपीट, पथराव और फायरिंग का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें राजकुमार पुत्र भगवान सिंह ने मृतक राजू सहित पांच नामजदों व 3-4 अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद राजू की पुलिस हिरासत में मौत के उपरांत एक अन्य मुकदमा कोतवाली प्रभारी चंदपा, एसआई सर्वेश कुमार, कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के अलावा पांच नामजदों आकाश, विजय, ओमवीर, भोला, भूपे के विरुद्ध दर्ज कराया था।
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जिला अस्पताल में बनाया था वीडियो
सोमवार की रात्रि में जब राजकुमार को पुलिस मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लेकर आई थी तो उस समय वहां उनके रिश्तेदार बृजमोहन सिंह निवासी रमनपुर भी पहुंच गए थे। कुछ अन्य लोग भी पहुंचे थे। उस समय पुलिस द्वारा घायल राजकुमार को स्विफ्ट गाड़ी में डालकर ले जाने का वीडियो भी बनाया गया था। मंगलवार को पुलिस के आला अधिकारियों को इस वीडियो के जरिये यह बताया गया कि किस तरह से पुलिस इस मामले में बर्बरता कर रही है और मरीज का उपचार नहीं करा रही।
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