न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
नगर निकाय चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने भी सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। पार्टी के नेता पूरे दमखम से निकाय चुनाव लड़ने की बात तो कह रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय लोकदल से गठबंधन होगा या नहीं, इसकी तस्वीर अभी साफ नहीं है। वैसे पार्टी का प्रत्याशी बनने के लिए दावेदारी का सिलसिला शुरू हो गया है। पार्टी अपनी रणनीति के हिसाब से वार्ड स्तर पर यह आकलन कर रही है कि किस बिरादरी का किस वार्ड में कितना वोट है, उसके आधार पर ही वह आगे की रणनीति तय करेगी। फिलहाल पार्टी को आरक्षण की घोषणा का इंतजार है।
हाथरस नगर पालिकाध्यक्ष पद पर सपा हमेशा हाशिए पर ही रही है, अलबत्ता सिकंदराराऊ और सादाबाद में वह मजबूत उपस्थित दर्ज कराती आई है। इस बार विधानसभा चुनाव में भी जिले में सपा कोई सीट नही जीत पाई थी, लेकिन सादाबाद में जरूर रालोद ने सपा से गठबंधन कर सादाबाद की सीट पर कब्जा कर लिया था। अब नगर निकाय चुनाव को लेकर सपा रणनीति बना रही है। इसके लिए पार्टी सदस्यता अभियान चला रही है। पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है कि वह अपनी पार्टियों की नीतियों का तो प्रचार-प्रसार करें ही, साथ ही भाजपा सरकार की खामियों को भी उजागर करें।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी की रणनीति है कि वार्डों में मतदाताओं के जातिगत आंकड़ों को ध्यान में रखकर इस बार उम्मीदवार तय किए जाएं। दमदार प्रत्याशी को ही अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ाया जाए। सभासद पद पर मजबूत प्रत्याशी लड़ाए जाएं, ताकि उनकी मौजूदगी का फायदा अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को भी मिले।
पार्टी की रणनीति है कि जातिगत आंकड़े के हिसाब से ऐसे उम्मीदवार को टिकट दिया जाए, जोकि अपनी बिरादरी और पार्टी क परंपरागत वोटर के एकजुट कर आसानी से चुनाव जीत ले। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि रालोद से पार्टी विधानसभा चुनाव की तरह इस चुनाव में गठबंधन करेगी या नहीं। इसके लिए स्थानीय नेताओं को पार्टी आलाकमान के निर्देश का इंतजार है। वैसे अन्य सभी राजनेताओं की तरह सपा नेताओं की टकटकी भी निकाय चुनाव के आरक्षण पर टिकी है। संवाद
पार्टी पूरी दमदारी से नगर निकाय चुनाव लड़ेगी। इसके लिए तैयारी चल रही है। संगठन को और मजबूत किया जा रहा है। अभी आरक्षण का इंतजार है और उसी हिसाब से प्रत्याशी उतारे जाएंगे। ऐसे प्रत्याशी मैदान में उतारे जाएंगे, जिनकी जनता में स्वच्छ छवि होगी। वैसे दावेदार भी सामने आ रहे हैं। रालोद से गठबंधन होगा या नहीं, यह पार्टी आलाकमान तय करेगा।
-अमर सिंह यादव, पूर्व विधायक व जिला सदस्यता प्रमुख सपा।