नौ विभागों की लापरवाही ने जिले में विकास कार्याें की रैंकिंग को 11वें पायदान से लुढ़काकर सीधे 48वें पायदान तक पहुंचा दिया है। जिले में राजस्व कार्यों की रैंकिंग भी 41वें पायदान से लुढ़ककर 58वें पायदान पर पहुंच गई। डीएम ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है।
जिले में होने वाले विकास एवं राजस्व संबंधी कार्याें की निगरानी शासन की ओर से की जा रही है। प्रत्येक माह सीएम डैश बोर्ड के जरिये विकास और राजस्व कार्याें की रैंकिंग जारी की जाती है। अप्रैल माह में शासन की ओर से जारी रैंकिंग में हाथरस विकास कार्याें के लिहाज से 11वें पायदान पर था, लेकिन इस महीने की रैंकिंग में यह एक साथ 37 पायदान लुढ़ककर प्रदेश में 48वें स्थान पर पहुंच गया है। नौ विभागों का ई व डी ग्रेड आने की वजह से उनके नंबर काटे गए हैं। इस कारण रैंकिंग में यह गिरावट दर्ज की है।
इसी तरह राजस्व विभाग की रैंकिंग भी सुधरने के बजाय नीचे सरक गई है। मार्च माह में राजस्व कार्याें में हाथरस 41वें नंबर पर था, लेकिन अप्रैल में एक साथ 17 पायदान खिसककर 58वें स्थान पर पहुंच गया। रैंक में इस गिरावट पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। सूत्र बताते हैं कि इसके लिए जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। डीएम राहुल पांडेय ने विकास व राजस्व कार्याें से जुड़े विभागों को रैंकिंग को सुधारने के निर्देश जारी किए हैं।
विभाग योजना ग्रेड
अतिरिक्त ऊर्जा पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना डी
ग्रामीण अभियंत्रण भवन निर्माण- डी
नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति जल जीवन मिशन-हर घर नल से जल- सी
नियोजन फैमिली आईडी सी
प्राथमिक शिक्षा निपुण परीक्षा आंकलन डी
पशुधन पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान ई
लोक निर्माण नई सड़कों का निर्माण ई
सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम ओडीओपी वित्त पोषण योजना ई
लोक शिकायत निर्माण कार्य (सीएमआईएस) ई