न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
पशु चिकित्सा विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी कस्बे में लगातार हो रही सूअरों की मौत की वजह का पता नहीं चल सका है। शुक्रवार को भी कस्बे में छह सूअरों की मौत हो गई। जिलाधिकारी रमेश रंजन ने अन्य अधिकारियों के साथ कस्बे के सूअर पालन वाले इलाकों का निरीक्षण किया और सूअर पालक, नगर पंचायत, पशु चिकित्सा विभाग, स्वास्थ्य विभाग को बीमारी की रोकथाम के लिए जरूरी निर्देश दिए। पशु चिकित्सा विभाग बरेली भेजी गई मृत सूअर के रक्त नमूने की रिपार्ट का इंतजार कर रहा है।
भ्रमण पर पहुंचे डीएम से सूअर पालकों ने मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। कस्बे में अब तक करीब 200 सुअरों की मौत रहस्यमय बीमारी से हो चुकी है। इससे सूअर पालकों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मुआवजे को लेकर प्रशासन चुप्पी साध गया है। इससे सूअर पालन और चिंताओं से घिर गए हैं।
डीएम ने कस्बे के खिलौने वाला मोहल्ला में सुअर पालन क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए सुअर पालकों से वार्ता की। ईओ को नियमित रूप से सफाई कराने एवं पशु चिकित्सा अधिकारी को सुअर पालकों से समन्वय स्थापित कर टीकाकरण करने के निर्देश दिए।
सूअर पालकों ने बताया कि सुअरों को बाड़े में रखा जा रहा है और उनके टीके लगवाए गए हैं। यहां समय-समय पर साफ-सफाई के साथ दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। डीएम ने सभी सूअर पालकों सूअरों को बाड़े में रखने तथा उनको बाहर घूमने न देने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबधित अधिकारियों को निर्देशित किया जहां जहां सूअर पालन किया जा रहा है, वहां सफाई के साथ दवा का नियमित रूप से छिड़काव कराया जाए। पशु चिकित्सा विभाग को निर्देशित किया कि उनकी टीम प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे करे और बीमारियों से बचने के उपायों से आम जन मानस को अवगत कराए। यदि कोई सूअर बीमार होता है तो तत्काल पशुपालन विभाग को सूचित करें। इस दौरान सीडीओ साहित्य प्रकाश मिश्र, एडीएम न्यायिक मोहम्मद मोइनुल इस्लाम, डीडीओ अवधेश यादव, एसडीएम विपिन कुमार शिवहरे, डीसी मनरेगा, पशु चिकित्सा अधिकारी, अधिशासी अधिकारी आदि उपस्थित रहे। संवाद