न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
चार प्रमुख मार्गों से गुजरने वाले कस्बे के इर्द-गिर्द दुर्घटनाएं तो कई हुई हैं, लेकिन एक साथ 11 वाहनों के एक-दूसरे से भिड़ने की यह घटना पहली बार हुई है। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद वाहनों का जो हाल हुआ, उससे हादसे की भीषणता का अंदाजा बखूबी लगाया जा सकता था। माना जा रहा है या तो ट्रक चालक को नींद का झोंका आ गया या उसकी गाड़ी के ब्रेक फेल हो गए होंगे। इसी वजह से यह दुर्घटना हुई है।
टाटा मोटर से कुछ दूरी पर चाय वाले ने बताया कि रात में जाम लगा होने के कारण एटा से सिकंदराराऊ जाने वाली लेन पर बड़ी संख्या में वाहन एकत्रित हो गए थे। लोग जाम का कारण जानने के लिए वाहनों से उतरकर सड़क किनारे एक-दूसरे से बातचीत कर रहे थे। ट्रक ने जिस वैगनआर कार को टक्कर मारी थी, वह लाइन में सबसे पीछे खड़ी थी और उसमें सवार लोग सड़क पर खड़े होकर आपस में बतिया रहे थे। उन्हें सपने में भी अंदाज नहीं था कि उनके साथ इस तरह हादसा हो जाएगा। ट्रक की टक्कर लगने के बाद कार में सवार लोग कुछ समझ पाते, उससे पूर्व ही पीछे से तेज गति से आते वाहन लगातार एक-दूसरे को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त होते रहे।
घटनास्थल के समीप ही बाबा जयगुरुदेव के शिष्य उमाकांत यादव के सत्संग का कार्यक्रम था। वहां भी काफी संख्या में लोग मौजूद थे। इन लोगों ने बताया कि दुर्घटना हम भी नहीं समझ पाए कि आखिर हुआ क्या है तेजी के साथ वाहनों के टकराने की आवाज ऐसे आ रही थी मानो कोई धमाका हो रहा है। आवाज सुनने के बाद सत्संग में उपस्थित काफी लोग सड़क पर पहुंच गए। उन्होंने घायलों को बचाने का काम प्रारंभ कर दिया। कई वाहनों में लोग बैठे हुए थे। वह भी टक्कर लगने से घायल हो गए। इसके पश्चात एंबुलेंस को फोन किया गया तो घटनास्थल पर कई एंबुलेंस पहुंच गईं और घायलों को लेकर के अस्पताल चली गईं।
टक्कर के बाद जाम में 30 से 80 तक वाहन फंसे थे। सभी लोग धड़ाधड़ अपने बहनों को छोड़ते हुए सड़क के किनारे आ करके खड़े हो गए। गौरतलब है कि सिकंदराराऊ-कासगंज मार्ग पर 15 वर्ष पूर्व एक ट्रक पलटने से 13 कांवड़ियों की मौत हो गई थी। संवाद