लोक अदालत में 1525 वादों का निस्तारण
जिला न्यायाधीश की अध्यक्षता में हुुआ लोक अदालत का आयोजन, वादों में वसूला गया अर्थदंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में कड़ी सुरक्षा के बीच राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश अरूण चन्द्र श्रीवास्तव ने की। वर्तमान वित्तीय वर्ष की इस चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के कुल 1525 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें 01 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद का निस्तारण कर 6,75000 रूपये प्रतिकर के रूप में दिलाये गए।
16 सिविल वाद, 25 पारिवारिक वाद, 06 वाद धारा 138 एनआई एक्ट, 414 राजस्व वादों का निस्तारण कर 3,45,530 रुपये जुर्माना वसूला एवं 1066 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 1,19,980रूपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। इसके अतिरिक्त प्रिलिटीगेेशन स्तर पर बैंक के कुल 421 मामलों का निस्तारण कर 4,79,22,958 रुपये में समझौता दाखिल किया गया। अरूण चन्द्र श्रीवास्तव, जनपद न्यायाधीश के न्यायालय से 01 सिविल वाद का किया गया।
विवेक सेगल, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना प्रतिकर के न्यायालय से 01 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वादों का निस्तारण कर 6,75000 प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। इसके अतिरिक्त 07 सिविल वादों का निस्तारण किया गया। आशीष जैन, अपर जनपद न्यायाधीश, कक्ष संख्या-1 के न्यायालय में 04 फौजदारी वादों का निस्तारण किया गया। योगेन्द्र राम गुप्ता, विशेष न्यायाधीश, एससी/एसटी अधि के न्यायालय में 01 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 400 रुपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किए गए। बीडी भारती प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय के न्यायालय में 21 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। जिनमें 05 जोडे़ साथ-साथ राजी खुशी से अपने घर गए। प्रतिभा सक्सेना, अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या-2 के न्यायालय में 03 फौजदारी वाद का निस्तारण कर 1800रूपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए।
अबुल कैश, अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या-4, विनय आर्या, अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या-5, रेखा सिंह अपर जनपद न्यायाधीश/एफटीसी कोर्ट संख्या-1 मौजूद रहे। सतेन्द्र सिंह वीरबान, अपर जनपद न्यायाधीश/एफटीसी कोर्ट संख्या-2 हाथरस के न्यायालय में 04 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। योगेन्द्र चौहान, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में 423 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 65,970रूपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। 06 वाद धारा ज138 एनआईएक्ट के निस्तारित किए गए। शिव कुमारी, सिविल जज वप्र के न्यायालय में 05 सिविल वादों का निस्तारण किया गया।
सुशील कुमार सिंह, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में 256 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 12,060 रूपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। डॉ लकी अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सादाबाद के न्यायालय में 144 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 12,700रुपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किए गए। योगेश जैन न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में 51 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 510रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए। ब्रहमपाल सिंह न्यायिक मजिस्ट्रेट सादाबाद के न्यायालय में 47 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 7,590रूपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए। 01 सिविल वाद का निस्तारण किया गया। बलराम पवार, सिविल जज कप्र न्यायिक मजिस्ट्रेट सिकंदराराऊ द्वारा 137 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 18,950 रुपये का अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए।
03 सिविल वादों का निस्तारण किया गया। सौरभ कुमार गौतम, अपर सिविल जज कप्र सादाबाद, मौ आरिफ अपर सिविल जज कप्र/एफटीसी हाथरस, दीपिका अत्री अपर सिविल जज कप्र-2, साक्षी सिंह अपर सिविल जज कप्र-3 गौरव दीप सिंह अपर सिविल जज कप्र-4 मौजूद थे। सहायक आयुक्त स्टाम्प के न्यायालय से 08 स्टाम्प वादों का निस्तारण कर 88,650 रुपये का अर्थदण्ड वसूल किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिव कुमारी ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जनपद के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, बैंक अधिकारी/कर्मचारी, वादकारीगण, कर्मचारीगण मौजूद थे।