दहेज हत्या के दोषी पति, जेठ व सास को दस साल कैद की सुनाई सजा
एडीजे एफटीसी प्रथम कोर्ट ने सुनाया फैसला, अर्थदंड भी देना होगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। एडीजे एफटीसी प्रथम ने दहेज हत्या के एक मामले में पति, जेठ और सास को दस साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र के पीलीपोखर निवासी बृजलाल पुत्र भीमसेन ने थाना सादाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने करीब तीन वर्ष पूर्व अपनी दो लड़कियों कविता और ज्योति की शादी क्रमश: मुकेश व दिनेश पुत्रगण किशोरी लाल निवासी गौतमनगर कूपा गली कस्बा सादाबाद के साथ की थी।
पुत्रियों के ससुरालीजन पति, जेठ, सास, ननद व ननदोई आए दिन अतिरिक्त दहेज में 50 हजार रुपये व एक मोटरसाईकिल की मांग करते और मारपीट कर धमकी देते थे कि किसी दिन तुम्हें जान से मार देंगे। इसके तहत 21 अगस्त 2014 की रात्रि को उपरोक्त ससुरालीजन पति दिनेश, दिनेश का भाई मुकेश व सास भूदेवी, जेठ भानुप्रताप व बहनोई ओमप्रकाश, ननद राजकुमारी निवासी ग्राम गौसना थाना जमुनापार मथुरा ने एक राय होकर मेरी लड़की ज्योति पत्नी दिनेश की फांसी लगाकर हत्या कर दी और चुपचाप अंतिम संस्कार करने की कोशिश की। बड़ी बहन कविता ने पूरे घटनाक्रम की मालूम की।
इन सब लोगों ने मारपीट कर एक कमरे में बंद कर दिया था। सुबह कविता को गांव वालों ने गेट खोलकर बाहर निकाला। कविता ने अपने मायके फोन कर सूचना दी। वहां से मायके पक्ष के लोग आए और इस मामले की रिपोर्ट थाना सादाबाद में दर्ज कराई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था और विवेचना की। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
एडीजीसी प्रथम (फौजदारी) नील कमल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सुनवाई के दौरान एडीजे एफटीसी प्रथम रेखा सिंह ने पति दिनेश, जेठ मुकेश व सास भूदेवी को दोषी मानते हुए धारा 498 ए में इन तीनों को दो-दो वर्ष का कारावास, धारा 304 बी में तीनों को दस-दस वर्ष का कठोर कारावास, दहेज प्रतिषेध अधिनियम में एक-एक वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। तीनों दोषियों को अर्थदंड भी देना होगा। सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।