न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
छेड़खानी का विरोध करने पर एक युवती को गला घोंटकर मारने के मामले में एक युवक को न्यायालय ने दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर उसको अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 21 अगस्त 2016 को सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव जरारा पोस्ट अगराना की एक युवती शाम चार बजे के लगभग शौच के लिए खेत में गई थी। तभी वहां एक युवक नरेश उर्फ भोला ने उसे बुरी नीयत से पकड़ लिया। युवती ने जब उसकी गिरफ्त से छूटने की कोशिश की और शोर मचाया तो इस युवती के दुपट्टे से ही नरेश ने उसका गला घोंट दिया और वहां से भाग गया। मौके पर पहुंचे कुछ लोग उसको गंभीर हालत में उपचार के लिए अस्पताल ले गए। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की रिपोर्ट नरेश उर्फ भोला के खिलाफ दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना के उपरांत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय योगेंद्र चौहान के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने आरोपी भोला को दोषी माना। कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी को आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड तथा धारा 354 बी में तीन साल के कठोर कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।