न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शासन स्तर से पराली जलाने वालों पर शिकंजा कसे जाने के निर्देश जारी किए हैं। जिले में पराली जलाने वालों पर सैटेलाइट के माध्यम से नजर रखी जा रही है। कृषि विभाग व राजस्व की टीमें पराली जलाने वालों पर खासी निगरानी करेंगी। पराली जलाने वालों पर जुर्माना के साथ-साथ विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
शासन स्तर से पराली जलाने वालों पर निगरानी किए जाने के लिए जिला प्रशासन व कृषि विभाग को निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन ने पराली जलाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए ब्लॉकवार टीमों का गठन कर दिया है। राजस्व विभाग के साथ साथ कृषि विभाग के कर्मियों को टीम में शामिल कर क्षेत्र में भ्रमण किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष जिले में 15 स्थानों पर पराली जलाए जाने के मामले सामने आए थे। यहां तक कि एक मामला सैटेलाइट से भी पकड़ा गया था। इन सभी किसानों पर जुर्माना लगाया था। जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार ने बताया कि पराली जलाने से उपजाऊ भूमि की उर्वरा शक्ति कम होती है। भूमि को पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं, इसलिए किसान पराली न जलाएं। गोवंशों के चारे के रूप में प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 23 हजार हेक्टेयर धान का क्षेत्र है। पराली जलाने पर जुर्माने के साथ साथ विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।