ऑनलाइन जन शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता लाने के लिए अब शासन की ओर से कई बदलाव किए गए हैं। इन बदलाव के संबंध में विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए जा रहे हैं। शासन की ओर से जन सुनवाई पोर्टल को समाधान पोर्टल में बदल दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही व खानापूर्ति अफसरों पर भारी पड़ेगी। शिकायत के समाधान से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शासन की ओर से समाधान पोर्टल का मार्च माह से शुरू किया जाएगा। इस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्त के लिए आवेदन से फीडबैक दो स्तरों पर किया जाएगा। आवेदक स्वंय मोबाइल ऐप अथवा पोर्टल के जरिए अपना फीडबैक देकर संतुष्ट या असंतुष्ट दर्ज कर सकेगा। वहीं जो स्वयं ऑनलाइन फीडबैक नहीं दे सकते उनसे सीएम हेल्पलाइन फीडबैक दर्ज करेगी। यदि आवेदक चार दिन में फीडबैक नहीं देता है तो कॉल सेंटर के माध्यम से फीडबैक लिया जाएगा। असंतुष्ट फीडबैक पर नए सिरे से कार्रवाई होगी। नई व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
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नई व्यवस्था में शिकायतकर्ता को मिलेंगी ये सुविधाएं
- आवेदक को शिकायत की कार्रवाई प्रत्येक स्तर पर एसएमएस से सूचना के माध्यम से मिलेगी।
- शिकायतकर्ता 14 नंबर की यूनिक संदर्भ संख्या से आवेदन की स्थिति देख सकेगा।
- राजस्व से संबंधित शिकायतों की आख्या में संबंधित भूमि का गाटा संख्या व राजस्व ग्राम दर्ज करना होगा।
- वेबसाइट के होम पेज पर संदर्भों की स्थिति उपलब्ध होगी।
- निस्तारण अधिकारी शिकायतकर्ता से संपर्क कर स्थलीय निरीक्षण करेंगे। यदि शिकायतकर्ता नहीं मिलता तो कारण दर्ज कर दो स्थानीय गवाहों के नाम, मोबाइल नंबर व पता निस्तारण रिपोर्ट में दर्ज करेंगे।
- जन शिकायतों को किसी भी परिस्थिति में ऐसे अधिकारी या कर्मचारी को जांच के लिए नहीं भेजा जाएगा,जिनके संबंध शिकायत से हों।
शिकायतों का होगा 160 नंबर का मूल्यांकन
पहली व्यवस्था के अनुसार शिकायतों में कार्रवाई का मूल्यांकन 95 अंक से किया जाता था। नई व्यवस्था में 160 अंक से मूल्यांकन होगा। इसमें समय से शिकायत ट्रांसफर करने पर 10, समय सीमा में कार्रवाई होने पर 60, डिफॉल्टर संदभ्र पर कार्रवाई होने पर 20, मुख्यमंत्री कार्यालय के फीडबैक पर 20, उच्चाधिकारी के रूप में कार्रवाई पर 20, डीएम व एसपी कार्यालय में संदर्भो की फीडिंग पर 10, डीएम द्वारा शिकायतों के भौतिक सत्यापन पर 20 नंबर का मूल्यांकन होगा।