न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना काल में लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। इस कारण यह समय रोडवेज की आमदनी पर भारी पड़ा हुआ है। यात्रियों के अभाव में बसें खाली दौड़ रही हैं। 15 प्रतिशत लोड फैक्टर गिरने के साथ 45 प्रतिशत पर टिका हुआ है। आमदनी प्रभावित होने से अफसर खासे चिंतित हैं। अब डिपो के अधिकारियों को रक्षाबंधन के त्योहारी सीजन से आमदनी की आस है।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में पहले 84 बसें थीं। रोडवेज ने आय के घटते ग्राफ को देखते हुए बीते दिनों एक दर्जन से अधिक बसों के परमिट सरेंडर कर दिए हैं, ताकि खर्चे में कमी आ सके। इसके बाद भी रोडवेज का घाटा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आला अफसर वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आमदनी बढ़ाने की बात कह रहे हैं।
हाथरस डिपो की बसों में यात्रियों का अभाव है। हर रोज संचालित होने वाली 63 बसों का लोड फैक्टर 45 प्रतिशत पर टिका हुआ है। आय को बढ़ाने को लेकर डिपो के अधिकरी संचालन में खूब माथापच्ची कर रहे है, लेकिन सफलता हाथ नहीं लग रही है। हाथरस डिपो एआरएम शशी रानी का कहना है कि कोरोना के चलते यात्रियों की संख्या में गिरावट आई है। इस दिनों पर 45 प्रतिशत लोड फैक्टर के साथ बसों का संचालन हो रहा है। पहले ये लोड फैक्टर 60 प्रतिशत के करीब था।