हाथरस : रोडवेज की एक खटारा बस को धक्का लगाते यात्री।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एक तरफ केंद्र सरकार प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए लगातार कोशिशें कर रही हैं तो दूसरी तरफ हाथरस डिपो की बसें जिले में प्रदूषण को बढ़ावा दे रही हैं। डिपो की करीब 40 बसों में बैटरी और सेल्फ की दिक्कत है। इस कारण बसें स्टॉपेज पर यात्रियों के इंतजार में चालू खड़ी रहती हैं। बसों से निकलने वाले धुएं से होने वाले प्रदूषण व आर्थिक नुकसान से डिपो के अफसर अनजान हैं।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 83 बसें हैं। इसमें से एक दर्जन से अधिक बसें निर्धारित किलोमीटर और समयावधि पूरी कर चुकी हैं। इस कारण इन बसों को लोकल रूटों पर चलाया जाता है। करीब 40 बसों में बैटरी व सेल्फ की दिक्कत लंबे समय से चल रही है। कर्मियों की मानें तो मुख्यालय स्तर पर भी बैटरी की कमी चल रही है।
इस कारण आए-दिन यात्रियों को बसों में धक्का लगाना पड़ता है। बसें बीच रास्ते में खराब हो रही हैं। इस कारण यात्रियों को आए-दिन मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। फोरमैन हरी सिंह का कहना है कि बैटरियों के लिए ऑर्डर दे दिया गया है। जल्द ही बसों में बैटरी की समस्या को दूर किया जाएगा।