न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर का रोडवेज बस अड्डा इन दिनों हादसों का अड्डा बनाता नजर आ रहा है। दो दिन में लगातार रोडवेज बसों से दो घटनाएं हो चुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि रोडवेज बसों में सामान का अभाव है। इसका खामियाजा राहगीरों व यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। तकनीकी खराबी व सामान के अभाव में बसों को जुगाड़ से चलाया जा रहा है। बसें कभी बीच रास्ते में खराब हो जाती हैं या फिर धक्का देते समय लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 77 बसें हैं। इसमें काफी बसों में सेल्फ व अन्य सामान की कमी है। इस कारण बसों को आए-दिन धक्का लगाकर चालू किया जाता है। बसों के दुरुस्त न होने के कारण पिछले साल की अपेक्षा इस साल दिवाली प्रोत्साहन योजना में आय का ग्राफ भी कम रहा है। बृहस्पतिवार को धक्का लगाने के दौरान एक बस बस स्टैंड के सामने बीयर की दुकान में घुस गई।
इसमें दो लोग जख्मी हो गए। शुक्रवार की रात को एक बस का आगे पहिया बाइक सवार के ऊपर चढ़ गया। इसमें एक युवक सहित दो लोग घायल हो गए। आए-दिन हो रही दुर्घटनाओं को लेकर हाथरस डिपो में चर्चाओं का बाजार गर्म है। एआरएम शशी रानी का कहना है कि सामान की कमी चल रही है। धीरे-धीरे सामान आ रहा है। जैसे-जैसे सामान मिल रहा है, उसी तरह से बसों को दुरुस्त किया जा रहा है। संवाद