न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर से सटे सोखना में लोगों को जलभराव और गंदगी मुक्ति नहीं मिल पा रही है। नगर पालिका क्षेत्र में यह इलाका तीन साल पहले शामिल हो चुका है। यहां बिजली व्यवस्था भी भगवान भरोसे है।
उल्लेखनीय है कि तीन साल पहले शहरी क्षेत्र का विस्तार करते हुए शासन ने 11 ग्राम पंचायतों को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किया था। इसके बाद नगर पालिका ने गांवों में प्रकाश व्यवस्था करा दी। चंद कर्मियों की तैनाती कर दीख्, लेकिन साफ-सफाई के आज तक पर्याप्त इंतजाम नहीं हुए हैं।
गांव सोखना के मुख्य मार्ग पर जलभराव है। गांव में बना स्वास्थ्य केंद्र भी बदहाल है। जलभराव के चलते मार्ग भी जगह-जगह से जर्जर होता जा रहा है। इसके अलावा सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम से संबंधित कोई काम नहीं हुआ है। बिजली भी ग्रामीण रोस्टर के हिसाब से मिल रही है। इस कारण लोगों को खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।
गांव में सफाई के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। मुख्य मार्ग पर बिन बारिश के जलभराव हो रहा है। इस कारण गंतव्य की दूरी तय करने में खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। नगर पालिका को इस पर ध्यान देना चाहिए।
-विपिन कुमार
नगर पालिका में गांव को शामिल हुए कई साल बीत गए, लेकिन आज तक मूलभूत सुविधाओं के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। इस कारण जलभराव लोगों की दिनचर्या में शामिल हो गया है।
-रामकुमार
गांव में सीवरेज और ड्रेनेज की आज तक नगर पालिका की ओर से सुधि नहीं ली गई है। मार्ग भी जर्जर हालत में है। जलनिकासी न होने सबसे बड़ी समस्या है। बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे है।
-अजय
नगर पालिका में शामिल होने के बाद गांव में आज भी ग्रामीण अंचल के रोस्टर से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इससे पहले ग्राम प्रधान से कहकर काम करा लेते थे। जलभराव की सबसे ज्यादा परेशानी हैं।
-बंटी