न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लंबे इंतजार के बाद आखिर एमडीटीबी अस्पताल की ओपीडी शुरू हो ही गई है। बृहस्पतिवार को यहां मरीज अपना उपचार कराने के लिए पहुंचे। भले ही पहले दिन पर्चा टीबी अस्पताल का नहीं था, लेकिन जिला अस्पताल के पर्चे पर भी टीबी अस्पताल में मरीजों को देखा गया और उन्हें उपचार दिया गया। यहां ओपीडी शुरू होने के बाद मरीजों ने भी कुछ राहत महसूस की।
कोरोना काल में एमडीटीबी अस्पताल को कोविड अस्पताल में तब्दील कर दिया गया था। इस कारण यहां आने वाले टीबी के गंभीर रोगियों को न तो उपचार मिल पा रहा था और न हीं उनको भर्ती होने की सुविधा मिल रही थी। केवल जिला अस्पताल में कुछ दिनों से एक डॉक्टर की तैनाती कर टीबी के रोगियों का उपचार कराया जा रहा था। वहीं भर्ती वाले मरीजों को भी सामान्य मरीजों के साथ ही जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती रखा जा रहा था।
इस कारण काफी दिक्कतेें मरीजों व स्वास्थ्य विभाग को हो रहीं थी। टीबी अस्पताल को भी पूर्व की भांति ही संचालित किए जाने की मांग भी की जा रही थी। इसके मद्देनजर बृहस्पतिवार को एमडीटीबी अस्पताल की ओपीडी शुरू हो गई। यहां पहले दिन 34 नए मरीजों को उपचार दिया गया। उनकी जांच के लिए रक्त के नमूने लिए गए। कुछ पुराने मरीज भी यहां दवा लेने के लिए आए। संवाद
टीबी अस्पताल में बने कोविड अस्पताल को हटा दिया गया है। यहां केवल 10 बेड का पीकू वार्ड रखा गया है। बाकी के हिस्से में पूर्व की भांति टीबी अस्पताल का संचालन शुरू हो चुका है। यहां गंभीर मरीजों को उपचार के साथ-साथ भर्ती किए जाने की सुविधा भी दी जाएगी।
-डॉ. विजेंद्र सिंह, सीएमएस एमडीटीबी अस्पताल।
टीबी अस्पताल के फिर से शुरू होने से हमें राहत मिली है। पहले से दवा चल रही है। अब यहां से दवा लेने आई हूं। कई दिनों से अस्पताल चालू होने का इंतजार कर रही थी।
-विमलेश, मरीज।
टीबी अस्पताल में कोविड अस्पताल बनने से काफी परेशानी हो गई थी। टीबी की दवा लेने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था। बहुत परेशानी होती है।
-विजेंद्र, मरीज।
टीबी अस्पताल शुरू होने से काफी राहत मिलेगी, क्योंकि अभी तक यहां आने पर दवा तो मिल जाती थी, लेकिन मरीजों को देखा नहीं जाता था।
-ओमप्रकाश, मरीज।
टीबी अस्पताल में कोरोना अस्पताल बना हुआ था। इस कारण यहां मरीजों को नहीं देखा जाता था, लेकिन अब फिर से यहां पर टीबी अस्पताल की शुरुआत हो चुकी है।
-अनीता, तीमारदार।