न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कर चोरी रोकने के लिए वाणिज्य कर विभाग द्वारा व्यापारियों के रिटर्न के साथ आईटीसी क्लेम, जीएसटीआर-1 व जीएसटीआर थ्री बी के टैक्स डाटा में अंतर का विश्लेषण कराया जाएगा। इसके साथ व्यापारियों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिले में विभाग द्वारा इसे लेकर व्यापारियों को नोटिस दिए जाएंगे। यदि रिटर्न दाखिल नहीं किए तो उनकी फर्म के पंजीयन रद्द करने की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि विभागीय स्तर पर हुए विश्लेषण में जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों द्वारा दाखिल जीएसटीआर वन (बिक्रीशुदा माल का विवरण) जीएसटी थ्री आर बी में (टैक्स व आइटीसी का विवरण) के आंकड़ों में मुख्यालय स्तर पर अंतर सामने आया है। इससे कर चोरी की आशंका सामने आ रही है। इसको ध्यान में रखते हुए व्यापारियों को चिन्हित करने के लिए उनके द्वारा दाखिल रिटर्न और आइटीसी क्लेम का विश्लेषण अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
वहीं कॉमन पोर्टल पर लगातार छह माह या दो त्रैमासिक रिटर्न दाखिल न करने वाले व्यापारियों की फर्म के पंजीयन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके अलावा गलत आईटीसी क्लेम करने वाले व्यापारियों की आईटीसी को एक साल के लिए ब्लॉक किया जा सकता है। इस मामले में डिप्टी कमिश्नर प्रशासन सिद्धेश दीक्षित का कहना है कि ऐसे व्यापारियों को नोटिस दिए जाएंगे। संवाद