न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
रावण के पुतले पर भी महंगाई की मार पड़ गई है। पिछली बार रावण का जो पुतला एक लाख रुपये में तैयार हुआ था, वह इस बार डेढ़ लाख रुपये में बनकर तैयार होगा। 40 साल पुराने कारीगर इस पुतले को तैयार करने में जुटे हैं। मंगलवार तक यह पुतला तैयार हो जाएगा।
रावण के पुतले का दहन इस बार पांच अक्तूबर को होगा। पुतला बनाने की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। हर बार की तरह रावण इस बार भी 60 फीट लंबा और 10 सिर वाला होगा। बांस, सुतली, सन, पेपर, गम आदि सामग्री से पुतले को तैयार किया जा रहा है। इसमें आतिशबाजी भी लगाई जाएगी। रावण को तैयार करने का काम एमजी पॉलीटेकिभनक के मैदान पर चल रहा है। रावण के सिर पर चकई लगाई जाएंगी। रावण की आंखों में रोशनी चमकेगी और रावण हंसेगा।
कारीगरों ने बताया कि पिछली बार रावण के पुतला बनाने में एक लाख रुपये का खर्चा आया था। इस बार रावण पुतला बनाने की लागत करीब एक लाख 50 हजार रुपये आएगी। इसकी वजह बांस के दामों में वृद्धि होना है। बांस का ही सर्वाधिक प्रयोग पुतला तैयार करने में किया जाता है। इस कारण इस बार खर्चा बढ़ गया है। संवाद
पिछले 40 सालों से बनाते आ रहे हैं रावण
विनोद कुमार की टीम पिछले 40 साल से रावण व अन्य पुतले तैयार करती आ रही है। विनोद कुमार ने बताया कि हम पिछले 10 दिन से वह रावण के पुतले को तैयार करने में लगे हैं। विनोद के साथ अन्य लोग भी टीम में शामिल हैं। जब उन्होंने रावण बनाना शुरू किया था, उस समय दो चार हजार में ही पुतला तैयार हो जाता था, लेकिन इस बार पिछली बार की अपेक्षा 50 हजार रुपये का अधिक खर्चा आ रहा है। वर्ष 2019 के बाद अब फिर से पुतला दहन होगा। दो साल तक कोरोना के चलते पुतला दहन नहीं हुआ था।