न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. केके शर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने ज्ञापन देकर कहा है कि बृहस्पतिवार को सुबह करीब साढ़े 10 बजे अपने आपको राष्ट्रीय स्वर्ण परिषद के कार्यकर्ता बताने वाले पंकज धवरैया, आशा कार्यकर्ता दुर्गेश एवं उनके साथ कुछ अज्ञात लोग मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला बागला चिकित्सालय के कार्यालय में एक बड़े झुंड के रूप में आए और मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के साथ अभद्रता करते हुए, सार्वजनिक रूप से मारने की बात करते हुए कार्यालय के फर्नीचर में तोड़फोड़ की, जबकि मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा आशा कार्यकर्ता एवं वाहन चालक हाकिम सिंह के मध्य हुई घटना का संज्ञान लेते हुए चालक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस घटना के संबंध में चार सदस्यों की समिति गठित कर जांच करने के लिए निर्देश दे दिए गए थे।
वाहन चालक के निलंबन की वार्ता को सार्वजनिक रूप से समस्त आशा कार्यकर्ताओं, चिकित्सालय परिसर में आए झुंड के मध्य आकर घोषणा भी की गई, फिर भी वह संतुष्ट नहीं हुए। चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर पंकज धवरैया ने अपने अज्ञात साथियों के साथ आशा कार्यकर्ताओं को भड़काकर एवं महिलाओं की आड़ लेते हुए आकस्मिक और आपातकालीन चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर दिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी व पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बार-बार समझाया गया, लेकिन वह नहीं माने और जूता निकालकर जान से मारने की बात करते हुए लगातार उत्तेजनात्मक भाषण देते रहे। स्वास्थ्य सेवाओं का हवाला देकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा उपजिलाधिकारी व क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी हाथरस द्वारा कई बार समझाया गया और चिकित्सालय के मुख्यद्वार को खोलने का आग्रह भी किया गया, लेकिन पंकज धवरैया, आशा कार्यकर्ता दुर्गेश एवं उनके साथ 100-150 अज्ञात पुरुष और महिलाओं द्वारा इस अप्रिय घटना को चिकित्सालय परिसर में अंजाम दिया गया।
यह भी बताया गया कि बुधवार को कार्यवाहक मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नरेश कुमार गोयल के साथ अभद्रता की गई। उन्हें भी चप्पल निकालते हुए मारने की धमकी दी गई और कहा गया कि अन्य अधिकारियों को भी चप्पल से मारूंगा। इन घटनाओं से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया और खबरों में वायरल हैं। इस घटना से चिकित्सालय एवं प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के चिकित्सकों में भय एवं रोष का माहौल बना हुआ है। इस संबंध में दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। संवाद