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हाथरस : एसीएमओ के चालक को चप्पलों से धुना, सीएमओ-सीओ से अभद्रता

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हाथरस : आशा कार्यकर्ताओ के हंगामे के दौरान चप्पल दिखाते सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धव? - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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जिला महिला अस्पताल परिसर में आशा कार्यकर्ता और एसीएमओ के चालक के बीच हुई मारपीट के मामले ने बृहस्पतिवार को तूल पकड़ गया। इस दौरान खासा बवाल हुआ। आशा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को चालक की चप्पलों से धुनाई की और उसके बाद चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आगरा-अलीगढ़ रोड पर जाम लगा दिया। जैसे-तैसे पुलिस ने तब जाम खुलवाया, लेकिन उसके बाद वार्ता के दौरान अधिकारियों से आशा कार्यकर्ताओं की भिड़ंत हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस की आशा कार्यकर्ता व उनके समर्थन में आए कुछ युवकों की धक्का-मुक्की व हाथापाई हो गई। इसके उपरांत गुस्साई आशा कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल के गेट को बंद कर धरना शुरू कर दिया।
धरना स्थल पर पहुंचे प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने जब गेट खुलवाने की कोशिश की तो आशा कार्यकर्ताओं के समर्थन में पहुंचे राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष की पुलिस अधिकारियों से नोक-झोंक और धक्का-मुक्की हो गई। इस दौरान सीएमओ और सीओ सिटी से अभद्रता भी कर दी। पुलिस ने वहां लाठियां फटकारीं और राष्ट्रीय अध्यक्ष को बलपूर्वक पकड़ कर ले गई। तदुपरांत आशा कार्यकर्ता हाथरस गेट कोतवाली पहुंच गईं और वहां जाम लगा दिया। पुलिस ने जैसे-तैसे समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। सीएमओ ने मारपीट के आरोपी चालक को निलंबित कर दिया है।
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उल्लेखनीय है कि स्थानीय कांशीराम कॉलोनी निवासी आशा कार्यकर्ता दुर्गेश व एक एसीएमओ के चालक हाकिम सिंह के बीच बुधवार की सुबह जिला महिला अस्पताल में कहासुनी और मारपीट हो गई थी। सूचना मिलने पर इलाका पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। दुर्गेश के पक्ष में सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया भी आ गए थे। सीएमओ दफ्तर में काफी हंगामा भी हुआ था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर हाकिम सिंह के खिलाफ मारपीट का मुकदमा भी दर्ज कर लिया था।
बृहस्पतिवार को फिर इस मामले ने तूल पकड़ लिया। आशा कार्यकर्ता दुर्गेश के साथ काफी आशा कार्यकर्ता जिला अस्पताल परिसर में बृहस्पतिवार की सुबह एकत्रित हो गई। इस दौरान जब एसीएमओ के चालक हाकिम सिंह को देखकर आशा कार्यकर्ताओं ने उसको पकड़ने के लिए दौड़ लगा दी। हाकिम खुद को बचाने के लिए टीबी अस्पताल के ओपीडी रूम में घुस गया। इस पर आशा कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गई और उसकी जमकर चप्पलों से धुनाई की। यहां पहुंचे अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने जैसे-तैसे उसे बचाया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस हाकिम को अपने साथ थाने ले गई। इसके बाद भी आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
इन आशा कार्यकर्ताओं ने चालक की गिरफ्तारी व उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर आगरा-अलीगढ़ रोड पर ओवरब्रिज पर जाम लगा दिया और नारेबाजी करने लगी। आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। जाम लगने से वहां काफी वाहन फंस गए। मौके पर हाथरस गेट कोतवाली पुलिस वहां पहुंच गई। पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इधर, सीएमओ मंजीत सिंह भी आशा कार्यकर्ताओं से वार्ता करने के लिए जिला अस्पताल पहुंच गए। जिला अस्पताल में सीएमओ ने आशा कार्यकर्ताओं को बताया कि वह इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई कराएंगे।
आशा कार्यकर्ताओं के समर्थन में आए कुछ युवक तो बढ़ गया वबाल
आशा कार्यकर्ताओं के समर्थन में कुछ युवक भी वहां आ गए और टोकाटाकी करने लगे तो मौके पर मौजूद कोतवाली प्रभारी हाथरस गेट ने इन युवकों से बाहर जाने के लिए कहा तो इस पर वहां पुलिस की इस युवकों से नोक-झोंक और धक्का-मुक्की हो गई। इस दौरान एक युवक व एक आशा कार्यकर्ता जमीन पर गिर गए। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद वहां राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के अध्यक्ष पंकज धवरैय्या भी पहुंच गए। उनकी मौजूदगी में आशा कार्यकर्ता अस्पताल का गेट बंद कर धरने पर बैठ गई। बखेड़े की जानकारी पाकर एसडीएम सदर राजकुमार सिंह व सीओ सिटी सुरेंद्र सिंह वहां आ गए। सीएमओ ने इस दौरान बताया कि चालक को निलंबित कर दिया गया है, फिर भी आशा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल का गेट नहीं खोला।
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पंकज धवरैय्या को पकड़कर ले गई पुलिस
इसी दौरान पंकज धवरैय्या ने भाषण देना शुरू कर दिया और हाथ में चप्पल लेकर अधिकारियों को चेतावनी तक दे डाली। इस दौरान पुलिस ने जब गेट खुलवाने की कोशिश की तो सीओ सिटी से पंकज धवरैय्या ने तीखी नोक-झोंक हो गई। इस दौरान वहां धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस पर पुलिस ने पंकज को बलपूर्वक पकड़ लिया और गाड़ी में बैठा लिया। इस पर आशा कार्यकर्ताओं की पुलिस ने और ज्यादा तड़का-भड़की हो गई तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठियां फटकारनी शुरू कर दीं, जिससे वहां फिर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तदुपरांत यह आशा कार्यकर्ता पंकज को छुड़वाने के लिए हाथरस गेट थाने पहुंच गई और थाने के बाहर करीब आधा घंटे तक जाम लगाए रखा। वहां पुलिस ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। संवाद
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