इन आंकड़ों को देखकर डीएम अतुल वत्स ने सादाबाद के संस्कार अस्पताल पर जांच बैठाई है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि प्राइवेट अस्पताल प्रसूता व उनके परिवार की सही जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहे। डीएम ने सभी 16 प्रसूताओं के परिवार से संपर्क का प्रयास किया, लेकिन किसी से नहीं हो सका। यही स्थिति कुछ अन्य प्राइवेट अस्पतालों की है। इसलिए इनको भी जांच के घेरे में लिया गया है।
सरकारी अस्पताल के आंकड़े संतोषजनक
प्रसव के मामले में सरकारी अस्पतालों के आंकड़े संतोषजनक हैं। अप्रैल से नवंबर तक जिले के सरकारी अस्पतालों में कुल 14,152 प्रसव हुए हैं। एसीएमओ डॉ. राजीव गुप्ता के अनुसार इनमें से 991 प्रसव सिजेरियन ऑपरेशन से हुए हैं, जो कुल प्रसव का सात फीसदी है।
मुख्य बिंदु
- कुल नर्सिंग होम : 44 (शहरी : 17, ग्रामीण : 27)
- कुल प्रसव : 5513
- सिजेरियन ऑपरेशन के प्रसव : 1873
- दर : लगभग 34 फीसदी (मानक से दोगुना)
- सरकारी अस्पतालों में प्रसव : 14152
- सिजेरियन ऑपरेशन के प्रसव : 991
- ऑपरेशन की दर : 7 फीसदी