नगर पालिका और नगर पंचायतों के चुनाव का बिगुल बजते ही जिले में सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। हाथरस में 22 नवंबर को पहले चरण में ही चुनाव होने हैं। अब तक सुस्त गति से चल रहीं जिला प्रशासन और राजनीतिक दलों की तैयारियों में भी तेजी आ गई है। राजनीतिक दलों में सभी नगर पालिका और नगर पंचायतों के अध्यक्ष और वार्ड सभासद पद के प्रत्याशियों के चयन को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रमुख दलों के टिकट के दावेदारों ने भी दिल्ली और लखनऊ की भागदौड़ तेज कर दी है।
उम्मीद है कि भाजपा, बसपा, सपा और कांग्रेस जैसे प्रमुख दल एक-दो दिन में अपने उम्मीदवार घोषित कर देंगे। इन खेमों में फिलहाल प्रत्याशियों के चयन को लेकर गहन मंथन चल रहा है। दावेदार भी टिकट पाने के लिए एड़ी से चोटी तक का जोर लगाए हुए हैं। सबसे ज्यादा लोगों की नजरें भाजपा, बसपा, सपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों की घोषणा पर टिकी हैं, क्योंकि टिकटार्थियों की सबसे ज्यादा भीड़ इन्हीं पार्टियों में है। चुनावी तारीखें घोषित होने के बाद अब राजनीतिक दलों पर भी जल्द से जल्द प्रत्याशी घोषित करने का दबाव बढ़ गया है।
सभी दल दावा कर रहे हैं कि नवंबर के पहले हफ्ते में ही अध्यक्ष और सभासद पद के सभी प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे। सबसे ज्यादा कश्मकश भाजपा में बताई जा रही है। यहां टिकटार्थियों की लंबी लाइन ने जिले से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक की दुविधा बढ़ा रखी है, जबकि बसपा में प्रत्याशियों के चयन का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसे हाईकमान की झंडी मिलना बाकी है। सपा अभी इन दोनों के प्रत्याशियों की घोषणा के इंतजार में हैं, ताकि इनके मुकाबले दमदार और जिताऊ चेहरे को टिकट दिया जा सके। कुल मिलाकर आने वाले दिनों में जिले के सभी नगरीय इलाके पूरी तरह चुनावी रंग में रंग जाएंगे और लोगों पर चुनावी भूत सवार हो जाएगा।