न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही राजनीतिक सरगर्मियां और तेज हो गई हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष का पद यहां अनारक्षित है। इस पद के लिए एक बार फिर फिर कड़ा मुकाबला होने के आसार हैं। ऐसे में जिला पंचायत अध्यक्ष के संभावित दावेदारों ने जिला पंचायत सदस्य बनने के लिए अपने वार्ड भी तय कर लिए हैं।
आचार संहिता लगने और आरक्षण की अंतिम सूची फाइनल होने के बाद पूरे दिन जिले में खासी गहमागहमी रही। वैसे भी जिले में पहले चरण में 15 अप्रैल को चुनाव है तो संभावित उम्मीदवारों के पास समय भी कम है। इन नेताओं ने चुनाव को लेकर अपनी तैयारी को मूर्त रूप देना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई। ऐसे में यहां राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। आरक्षण सूची को भी शुक्रवार को अंतिम रूप दे दिया गया तो लोगों में यह भी जानने की उत्सुकता रही कि इसमें परिवर्तन तो नहीं किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष का पद इस बार भी अनारक्षित है तो कई दावेदार इस पद के लिए ताल ठोंक रहे हैं। इन दावेदारों को सबसे पहले जिला पंचायत सदस्य बनना होगा। तब वह जिला पंचायत अध्यक्ष बन पाएंगे। ऐसे में कुछ ने यह फैसला कर लिया है कि उन्हें किस वार्ड से लड़ना है तो कुछ यह फैसला कर रहे हैं कि उनके लिए कौन सा वार्ड अनुकूल रहेगा। कई पुराने सदस्य फिर से ताल ठोंकेंगे तो कई नए चेहरे भी इस चुनाव में सामने आएंगे।