न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सियासी लामबंदी तेज हो गई है। इस चुनाव में धनबल का बोलबाला रहता है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय जहां जोर-शोर से मैदान में उतरेंगी, वहीं उनके विरोधी भी जुगलबंदी कर रहे हैं। भाजपा आलाकमान भी पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। सूत्रों का कहना है कि कुछ निर्दलीय और कुछ दलों के समर्थित सदस्य भी सीमा उपाध्याय के खेमे से जुड़ भी रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत के चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है। सदस्यों का चुनाव परिणाम आ चुका है। भाजपा के पांच, सपा के चार, रालोद के तीन और बसपा के दो समर्थित उम्मीदवार इस बार चुनाव जीते हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय भी चुनाव जीती हैं। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने घोषणा भी कर दी है कि सीमा उपाध्याय चुनाव लड़ेंगी। इसके लिए तैयारी भी की जा रही है।
इस चुनाव में 10 सदस्य निर्दलीय जीते हैं। ऐसे में वह जिसके साथ हो जाएंगे, उसको ही अध्यक्ष पद मिल जाएगा। सूत्रों की मानें तो रामवीर विरोधी खेमा अभी यह तय नहीं कर पा रहा है कि सीमा उपाध्याय के मुकाबले किसे खड़ा किया जाए। इस पर कोई सहमति नहीं बन रही है। वहीं रामवीर खेमे ने कुछ निर्दलीय व कुछ दलीय सदस्यों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है और उन्हें विश्वास में लिया जा रहा है।
हालांकि अभी जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर अभी कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है और यह भी तय नहीं हुआ है कि किस दिन मतदान होगा, लेकिन दावेदार अभी से ही सक्रिय हैं। साथ ही भाजपा आलाकमान पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यह चर्चा भी जोरों पर है कि सीमा उपाध्याय भाजपा का दामन थाम सकती हैं, लेकिन रामवीर ने इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। उनका कहना है कि यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। उनका यह भी कहना है कि सीमा चुनाव लड़ेंगी और इसके लिए तैयारी की जा रही है।