हाथरस: पोखर पर कब्जे के ववाद के बाद मौके पर पहुंची पुलस और स्थानीय लोग।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बच्चे को दफनाने पहुंचे लोगों का एक समुदाय के भूमाफिया ने विरोध किया, जिसके बाद यहां पर पुलिस आ गई। सूचना एसडीएम तक पहुंची। काफी हंगामा हुआ और फिर पुलिस की मौजूदगी में दो दिन के बच्चे के शव को दफनाया जा सका।
कोतवाली सदर क्षेत्र के अशोका टॉकीज अक्रूर कॉलोनी निवासी सोनू अग्रवाल के दो दिन के बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद वह उस बच्चे के शव को दफनाने के लिए हाथरसी देवी मंदिर के सामने नयाबांस स्थित पोखर पर पहुंचा, जहां एक संप्रदाय विशेष के भूमाफिया ने पोखर पर बच्चे के शव को दफनाने का विरोध किया। उसकी सूचना पर डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई।
आरोप है कि भूमाफिया के कहने पर मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने दफन किए हुए शव को कब्र से निकलवा दिया और कहा कि इसे कहीं और ले जाकर दफनाएं। इसकी जानकारी क्षेत्र के लोगों ने हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों को दी, जिसके बाद हिंदू जागरण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक रंजन आर्य, जिला महामंत्री नरेंद्र प्रेमी, जिला उपाध्यक्ष रमन बिहारी शर्मा, शिवम निषाद आदि मौके पर पहुंचे।
घटना की जानकारी एसडीएम सदर रामजी मिश्र और सदर विधायक हरिशंकर माहौर को दी। विधायक और एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने भूमाफिया को वहां से भगाया और बच्चे के शव का अंतिम संस्कार किया गया। कोतवाली सदर प्रभारी जगदीशचंद्र ने बताया कि दफनाए गए शव को बाहर निकलवाने का आरोप निराधार है। पुलिस तो मौके पर पहुंचकर अपनी मौजूदगी में बच्चे के शव को दफनवाया है।