न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
पंचायत चुनाव के मतदान के बाद सहपऊ कोतवाली पर थरौरा के ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस नामजद उपद्रवियों को गिरफ्तार करने के लगातार दबिश दे रही है। दबिशों के डर से नामजद लोग गांव छोड़कर फरार हो गए हैं।
बता दें कि 15 अप्रैल को गांव थरौरा में पंचायत चुनाव के मतदान के दौरान प्रधान प्रत्याशी के भाई को पुलिस ने फर्जी मतदान करने के आरोप में हिरासत में लिया था। उसके साथ ही गांव के दो अन्य युवकों को भी फर्जी मतदान करने और मतदान में व्यवधान डालने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। एक युवक पर एक पुलिस कर्मी के साथ एक अधिकारी के सामने ही अभद्रता करने का आरोप था। इसे लेकर पुलिस कर्मी ने उसकी पिटाई कर दी थी।
पिटाई से युवक के घायल होने की सूचना पर शाम को मतदान समाप्त होने के बाद गांव थरौरा के ग्रामीण कोतवाली पर जमा हो गए थे। उस समय कोतवाली पर केवल एक हेड कांस्टेबल ही मौजूद था। ग्रामीणों की भीड़ जबरन कोतवाली के कार्यालय में घुस गई और हिरासत में लिए गए युवक को उठाकर उपचार के लिए ले गई। इसके बाद भीड़ में किसी ने घायल युवक की मरने की झूठी अफवाह फैला दी।
इसके बाद भीड़ उग्र हो गई और कोतवाली और कस्बा सहपऊ में पथराव एवं तोड़फोड़ शुरू कर दी। पथराव में चुनाव ड्यूटी से लौट रहे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। वह अपनी जान बचाने के लिए भाग खड़े हुए। उग्र भीड़ ने दो घंटे तक कोतवाली पर कब्जा जमाए रखा। सूचना पर डीएम एवं एसपी पुलिस बल के साथ कोतवाली पर पहुंच गए और बमुश्किल हालात को संभाला। बाद में पुलिस ने इस मामले में 35 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ आगजनी, डकैती और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। अब पुलिस-प्रशासन इस मामले में उपद्रवियों पर रासुका लगाने की तैयारी कर रहा है। नामजद उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए गांव में लगातार दबिश दी जा रही है। जिला मुख्यालय से दंगा नियंत्रण टीम भी कोतवाली पर बुला ली गई है। इस घटना की जांच मुरसान कोतवाल को दी गई है।