न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अनुसूचित जाति की बिटिया के साथ हुई दरिंदगी के मामले में बृहस्पतिवार को भी जमकर हायतौबा हुई। गांव जा रहे सपा कार्यकर्ताओं का नगला भुस के निकट बाईपास पर पुलिस से टकराव हो गया। इस दौरान पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया। इसमें आधा दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ता घायल हो गए। वहीं कुछ सपाई बिटिया के गांव के बाहर तक पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। इनकी भी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई और हंगामा हुआ। बाद में दोनों गुटों में बंटे सपाइयों को पुलिस ने अलग अलग बसों में बैठाकर यहां से रवाना कर दिया। इसके अलावा अन्य राजनीतिक दलों के लोगों ने भी गांव में जाने की कोशिश की तो पुलिस ने इन्हें भी वहां नहीं जाने दिया।
बिटिया के प्रकरण में स्थानीय पुलिस प्रशासन विपक्षी राजनेताओं को उसके गांव नहीं जाने दे रहा। यही स्थिति बृहस्पतिवार को भी देखी गई। बृहस्पतिवार को तो पुलिस और प्रशासन राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के कार्यक्रम को लेकर और सजग हो गया। चंदपा से पहले नगला भुस और आगरा रोड पर बिसाना पर ही नाकाबंदी कर दी गई। वहीं सपा ने यह घोषणा भी की कि सपाइयों का एक प्रतिनिधिमंडल बिटिया के गांव बृहस्पतिवार को जाएगा।
बृहस्पतिवार की दोपहर अलीगढ़ से सपा के जिलाध्यक्ष गिरीश यादव, पूर्व विधायक राकेश सिंह के नेतृत्व में जब सपा कार्यकर्ता बिटिया के गांव जाने के लिए नगला भुस पर पहुंचे तो वहां पहले से ही मौजूद काफी पुलिस व पीएसी ने इन्हें रोक लिया। सपाइयों ने जब आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने इनकी धक्का मुक्की हो गई। इससे वहां हंगामा खड़ा हो गया और पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इससे अफरा तफरी मच गई। कुछ कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए। इससे यातायात रुक गया। कई सपाई घायल भी हो गए। अफरा तफरी के बीच पुलिस ने इन सबको हिरासत में ले लिया और एक बस को रोककर अलीगढ़ की ओर वापस भेज दिया।
दूसरी ओर एमएलसी जसवंत सिंह यादव, पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, डॉ रामकरन निर्मल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओमवती यादव, मूलचंद्र निम, राम नारायण काके, संजीव यादव, पूजा गौतम, मनोज यादव, श्याम प्रधान, चौधरी भाजुद्दीन, रोहिताश यादव सहित काफी सपाई बिटिया के गांव जाने के लिए चंदपा से आगे एनएच पर पहुंच गए। पुलिस ने इन्हें वहीं रोक लिया। पुलिस ने जब इन लोगों को आगे नहीं जाने दिया तो इनकी भी तीखी नोकझोंक व धक्का मुक्की हुई।
पुलिस ने इनके वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया और बस में बैठाकर इन्हें सादाबाद से आगे खंदौली भिजवा दिया। वहां से यह जैसे-तैसे अपने घरों पर पहुंचे। इधर आम आदमी पार्टी, कांग्रेस सहित कई अन्य राजनीतिक दलों के नेता व कार्यकर्ता भी बिटिया के गांव जाने के लिए चंदपा से आगे पहुंचे, इन्हें भी पुलिस ने वहीं रोक लिया और तीखी हायतौबा के बाद वापस लौटा दिया। इस मौके पर वहां काफी पुलिस फोर्स रहा।
सपाइयों की बस पर पथराव, मची अफरा तफरी
हाथरस। एमएलसी जसवंत सिंह यादव की अगुवाई में आए सपाइयों को जब बस लेकर जा रही थी तो चंदपा पर बघना को जाने वाले रास्ते पर इस बस पर कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इससे वहां अफरा तफरी मच गई। कई सपाइयों के चोट भी आई। कुछ सपाइयों का कहना था कि यह आरोपी पक्ष की बिरादरी के लोग थे। सभी आरोपी ठाकुर जाति के हैं। स्थिति को देख कर यह लोग वापस कोतवाली चंदपा ले आए और बाद में पुलिस की और कड़ी सुरक्षा के बीच इन्हें खंदौली की ओर भेजा गया। इधर पथराव करने वाले लोग वहां से भाग गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां खुल रहीं कुछ दुकानों को बंद करा दिया। ऐसे में वहां तनाव व्याप्त हो गया।
फोटो12 हाथरस: बिटिया के गांव जाने से रोकने पर सपाइयों की पुलिस कर्मियों से होती धक्का-मुक्की।- फोटो : HATHRAS