न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)।
सहपऊ-थरौरा मार्ग पर पिछले 28 दिसंबर को कस्बे के दो सराफा कारोबारियों के साथ हुई लूट के प्रयास की घटना का पुलिस ने रविवार की दोपहर को खुलासा किया है। पुलिस ने इस सिलसिले में मानिकपुर रेलवे पुल के पास से आरोपी धर्मेंद्र कुमार कठेरिया उर्फ धर्मेश कठेरिया निवासी ग्राम नरौली थाना जलेसर जिला एटा को शनिवार की रात को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया है। उसने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर हथियारों के बल पर लूट की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की।
कोतवाली परिसर में सीओ सादाबाद ब्रह्म सिंह ने बताया कि पुलिस ने गांव मानिकपुर रेलवे पुल के पास से तमंचा और और दो कारतूसों के साथ धर्मेंद्र कुमार कठेरिया को गिरफ्तार किया। उसने पूछताछ में बताया कि उसने संदीप उर्फ बबलू निवासी नगला हरी सिंह थाना नगला खंगर जिला फीरोजाबाद , सत्यपाल उर्फ धांसू निवासी मितावली थाना एत्मादपुर जिला आगरा, धर्मवीर उर्फ बाबू निवासी मोहल्ला होली वाला नरायच थाना एत्माउद्दौला जिला आगरा, रिंकू उर्फ अशोक उर्फ बाबा निवासी गिदौली थाना इगलास जिला अलीगढ़ के साथ मिलकर 28 दिसंबर की शाम को कस्बे के दो सराफा व्यापारियों की गाड़ी को हथियारों के बल पर रोककर उनको लूटने का प्रयास किया था।
इससे पहले इन दोनों व्यापारियों को 18 दिसंबर को भी सादाबाद-जलेसर रोड पर लूटने के लिए उनका एक बोलेरो गाड़ी से पीछा किया था। उस दिन भी वह बचकर निकल गए। इनको लूटने के प्रयास में एक बार फिर 26 दिसंबर को वह लोग इकट्ठे हुए और इस घटना का मास्टर माइंड सत्यपाल रिश्ते में गिरफ्तार आरोपी का मामा लगता है। वह लगातार इन व्यापारियों की रेकी करता रहा। सभी लोग 28 दिसंबर को मास्टर माइंड के घर से असलहा एवं कारतूस लेकर चले। वह मामा सत्यप्रकाश की अपाचे बाइक पर बैठा था। दूसरी बाइक स्पलेंडर सुपर पर संदीप और उसके पीछे धर्मवीर उर्फ बाबू बैठा था।
इन लोगों ने पिछले साल फरवरी माह में जयपुर से एक ईको गाड़ी को चोरी किया था। उस पर फिरोजाबाद जिले की फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। इस गाड़ी को अशोक उर्फ बाबा चला रहा था। योजना के मुताबिक ईको गाड़ी सवार लोगों ने सराफा व्यापारियों की गाड़ी को ओवरटेक कर रुकवाना था। उसको और उसके मामा को आगे से और बाबू एवं संदीप को पीछे से इन गाड़ी सवारों को हथियारों के बल पर घेरकर लूटना था, लेकिन सराफा व्यापारियों ने आगे से खुद का घिरता देखा तो उन्होंने अपनी गाड़ी तेजी से पीछे की।
इस दौरान उनकी गाड़ी संदीप की बाइक से टकरा गई, जिससे संदीप घायल होकर वहीं गिर पड़ा, जबकि बाबू को मामूली चोट आई। इस घटना से वह सब बदहवास हो गए और वहां से अपाचे बाइक पर बैठकर भाग गए। इन लोगों ने हड़बड़ी में ईको गाड़ी और घायल संदीप के साथ उसकी बाइक और तमंचे भी वहीं छोड़ दिए। गिरफ्तारी से बचने के लिए बाबू ने 15 जनवरी और रिंकू ने 11 जनवरी को न्यायालय में समर्पण कर दिया, लेकिन उस समय पुलिस इस घटना का खुलासा नहीं कर सकी। एक आरोपी संदीप उर्फ बबलू की उस दिन की मौत हो गई थी। सत्यपाल उर्फ धांसू अभी तक फरार चल रहा है।
आरोपियों पर दर्ज हैं कई मुकदमे
धांसू पर आगरा जिले के एत्मादपुर थाने में पांच, नारखी थाने में दो और फिरोजाबाद के थाना दक्षिण में एक एवं रिंकू पर टूंडला थाने में दो, नसीरपुर थाने में एक, आगरा बसईं अरेला में आठ, धर्मवीर उर्फ बाबू पर थाना एत्माउद्दौला में दो एवं फिरोजाबाद में लूट और चोरी का एक और मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाल सत्यप्रकाश के अतिरिक्त एसएसआई विजेंद्र सिंह, एसआई रामदास पचौरी, एसआई दिलीप सिंह, एचसी विनय कुमार शामिल थे।
यह था घटनाक्रम
गौरतलब है कि 28 दिसंबर की शाम करीब सवा पांच बजे सहपऊ-थरौरा मार्ग पर गाड़ी से आगरा जाते समय कस्बे के सराफा व्यापारी भूषण कुमार वर्मा उर्फ बबलू एवं मोहित कुमार उर्फ मोनू पुत्र सुरेशचंद्र वर्मा को तीन बदमाशों ने हथियारों के बल पर उनकी गाड़ी को रोककर लूट का प्रयास किया था। इस दौरान कारोबारियों की गाड़ी से टकराने से बाइक सवार एक बदमाश की मौत हो गई थी। पुलिस द्वारा लूट के प्रयास की इस घटना का खुलासा नहीं करने के विरोध में कारोबारियों ने दो दिन सराफा बाजार बंद रखा था।