न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोतवाली चंदपा क्षेत्र के गांव दरकई की गोशाला के निकट गोवंश के अवशेष मिलने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। गांव तेहरा के जंगलों में बुधवार की सुबह पुलिस और एसओजी टीम के साथ हुई मुठभेड़ में गोकशी के दो आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। मौके से पुलिस व एसओजी की टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनके साथी चार पहिया वाहन को लेकर भागने में सफल रहे। इनकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की दबिशें जारी हैं। एसपी ने इस कामयाबी पर पुलिस व एसओजी टीम की पीठ थपथपाई है और पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद ईनाम देकर सम्मानित किया है।
उल्लेखनीय है कि दो जून 2021 की सुबह कोतवाली चंदपा क्षेत्र के ग्राम दरकई के निकट रजबहे पर कुछ गोवंश के अवशेष पड़े हुए मिले थे। इस संबंध में हरीशचंद्र पुत्र घनश्याम निवासी ग्राम दरकई ककोड़ी थाना चंदपा की तहरीर पर पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने तीन टीमों का गठन किया था। यह टीमें तभी से इस घटना के खुलासे में लग गईं।
मुखबिर की सूचना पर नौ जून 2021 की सुबह कोतवाली चंदपा, कोतवाली हाथरस गेट और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गोकशी के चार आरोपी नसीम उर्फ वसीम पुत्र जंगलिया निवासी रामपुर शाहपुर थाना चंडौस अलीगढ़ हाल निवासी ग्राम चुरसैन थाना चंदपा हाथरस, करुआ उर्फ नौशाद पुत्र मल्ला निवासी गांव राइट थाना लोधा अलीगढ़, अजमत पुत्र मौजी और मल्ला पुत्र फरीद खां निवासी राइट थाना लोधा अलीगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान इनकी पुलिस मुठभेड़ से मुठभेड़ भी हुई।
पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में करुआ उर्फ नौशाद व नसीम उर्फ वसीम गोली लगने से घायल हो गए। इनका जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। वहीं इनके अन्य साथी मौके पर फायदा उठाकर चार पहिया वाहन को लेकर भाग गए। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि कि वह जनपद अलीगढ़ में भी ऐसे ही घटनाओं को अंजाम देते हैं। अभियुक्त वसीम व करुआ व मल्ला पर जनपद अलीगढ़ में पूर्व से कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें वह पहले भी गिरफ्तार होकर जनपद अलीगढ़ से जेल जा चुके हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे ये सामान हुआ बरामद
कोतवाली हाथरस गेट, कोतवाली चंदपा पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गोकशी के आरोपियों के कब्जे से दो तमंचा 315 बोर, पांच जिंदा कारतूस, तीन खोखा कारतूस, तीन छुरा, दो गड़ासा, तीन रस्सा सूत और एक बाइक सीडी डीलक्स बरामद की है।
ऐसे देते थे गोकशी की घटना को अंजाम
गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि अभियुक्त वसीम मूल रूप से ग्राम रामपुर थाना चंडौस जनपद अलीगढ़ का रहने वाला है। वह पूर्व में जनपद अलीगढ़ में कई मुकदमे दर्ज होने के कारण गिरफ्तारी से बचने के लिए अलीगढ़ से आकर थाना चंदपा क्षेत्र के गांव चुरसैन में अपनी ससुराल में आकर रह रहा था। अभियुक्त वसीम ही थाना चंदपा क्षेत्र में घटित घटना का मुख्य मास्टर माइंड है। इसके द्वारा ही रैकी कर पूरी घटना करने की योजना बनाई गई थी। इसके उपरांत अपने साथियों को बुलाकर उसने हाथरस में इस घटना को अंजाम दिया।
पुरानी दिल्ली के बाजार में करते थे मांस की सप्लाई
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि गोकशी की घटनाओं को अंजाम देने वाले ज्यादातर शातिर अलीगढ़ व बुलंदशहर जनपद के रहने वाले हैं। गोकशी के बाद मांस को इनका एक साथी दिल्ली में सप्लाई करता है। यह बात गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान बताई है। इनके अन्य साथियों की भी पुलिस को तलाश है।
लोधा व गोंडा की घटना सेभी जुड़े हैं शातिरों के तार
हाथरस में गोकशी की घटना को अंजाम देने वाले शातिरों के तार अलीगढ़ के लोधा व गोंडा थाना क्षेत्र में गोशाला के निकट हुई गोकशी की घटना से जुड़े हैं, क्योंकि वहां की पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में भी इन अभियुक्तों के नाम शामिल हैं।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
कोतवाली चंदपा प्रभारी एसएचओ नीता वीर सिंह, कोतवाली हाथरस गेट प्रभारी एसएचओ मुनीश चंद्र, एसओजी प्रभारी प्रमोद कुमार, एसएसआई आदित्य शंकर तिवारी, एसआई धीरेंद्र सिंह, एसआई रामदेव सिंह, एसआई अरुण कुमार, एचसी शीलेश कुमार, जवाहर लाल, चंद्रपाल सिंह, सचिन कुमार, चेतन राजौरा, सोनवीर सिंह, जोगिंदर सिंह, कयामुद्दीन, संतोष कुमार, चित्र कुमार, रमन यादव, श्यामसुंदर आदि शामिल थे।