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हाथरस: नौकरी और लोन दिलाने वाले गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

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हाथरस: नौकरी और कर्ज दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य पुलिस की गिरफ्त में। - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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कोतवाली सदर पुलिस और साइबर सैल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर ऑनलाइन नौकरी और कर्ज दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो शातिरों को गिरफ्तार कर उनसे ठगी करने में प्रयोग किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप सहित नगदी, एटीएम कार्ड, टाटा व महिंद्रा मोटर्स के फर्जी जॉब ऑफर लेटर बरामद किए हैं। दोनों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471व 66डी आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसका खुलासा एएसपी ने एसपी दफ्तर में किया।
एएसपी प्रकाश कुमार ने बताया कि कोतवाली सदर में पिंकी सिसौदिया ने जॉब दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उनके साथ एक लाख 36 हजार रुपये की ठगी होने की जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर के निर्देशन में धारा 420,467,468,471 व 66डी आईटी एक्ट में वांछित अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए साइबर सैल व कोतवाली पुलिस की टीम बनाई गई। पिंकी द्वारा द्वारा पुलिस को सूचना दी गई कि जिन व्यक्तियों ने उससे 1,36,000 रुपये का फ्राड किया था, वह और पैसे लेने के लिये हतीसा पुल के पास आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई और दो अभियुक्तों को दबोच लिया।
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पूछताछ में उन्होंने अपना नाम व पता अमित कुमार पुत्र रमेश कुमार निवासी अलकपुरा थाना भूवानी खेड़ा जिला भिवानी हरियाणा हाल निवासी 784/3 कमालपुर कमल विहार बुराड़ी दिल्ली और मोहित कुमार भारती पुत्र नंदकिशोर निवासी जेबी/13सी हरिनगर नियर स्वर्ग आसाराम आश्रम न्यू दिल्ली बताया। पूरे मामले का खुलासा करते वक्त एएसपी ने बताया कि अभियुक्तों के पास से एक लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन मय सिम कार्ड, एक एटीएम कार्ड इलाहाबाद बैंक, 15 हजार रुपये, टाटा मोटर्स व महिंद्रा मोटर्स के फर्जी जॉब ऑफर लेटर बरामद हुए हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों के तीन साथी मुकेश पुत्र राजेश प्रसाद एचएन 852 तीसरी फ्लोर, ए ब्लॉक जहांगीर पुरी 110033 नई दिल्ली, महेश पुत्र राजेंद्र निवासी भिवाड़ी (हरियाणा) हाल पता 384/3 कमालपुर कमल विहार नई दिल्ली, जितेंद्र पुत्र रामानंद निवासी एचएन ह्र364 यादव पार्क कमरुद्दीन नगर बुराड़ी नई दिल्ली की तलाश है।
ऐसे करते हैं लोगों से ऑनलाइन ठगी
गिरफ्तार शातिरों ने बताया कि वह क्विकर जॉब पोर्टल और अन्य जॉब पोर्टल आदि से नौकरी के लिए आवेदन किए हुए लोगों का डाटा रुपये देकर खरीदते हैं। प्राप्त डाटा के आधार पर आवेदकों के फोन पर नौकरी देने के नाम पर अपने लोगों के द्वारा फोन और ई-मेल किए जाते हैं। साथ ही लोगों को विश्वास में लेकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र/इंटरव्यू लेटर/कॉल लेटर उनके नंबर पर प्रेषित किए जाते हैं और लेटर भेजने के बाद उनसे रजिस्ट्रेशन/इंटरव्यू कॉस्ट के नाम पर रुपये अपने गूगल पे/फोन पे/पेटीएम अकाउंट व बैंक अकाउंट में डलवा दिया जाता है। उसके बाद जिस नंबर से केंडीडेट को कॉल किया जाता था, उसे कुछ समय के लिए बंद कर देते थे। दिन-भर में सैकड़ों लोगों को फोन किए जाते हैं। ज्यादातर ऐसे कॉल दूरस्थ प्रदेशों जैसे महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात के नंबरों पर किए जाते हैं, जिससे पीड़ित बार-बार पुलिस के पास नहीं जा सके। दिन भर में लगभग 10-12 लोग इस झांसे में आ जाते थे, जिनसे वह रुपये डलवा लेते थे।
रास्ते चलते व्यक्ति का खुलवाते हैं बैंक खाता
गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि ऑनलाइन ठगी के द्वारा मांगे गए रुपयों को ऐसे बैंक अकाउंट में डलवाते हैं, जो उनका नहीं होता है। किसी भी रास्ते में चलने वाले गरीब और नशा करने वाले आदमी को पकड़कर उसको पांच-सात हजार रुपये का लालच देकर उसका बैंक अकाउंट व उसके नाम से मोबाइल सिम निकालकर उसकी पासबुक व एटीएम कार्ड किराये पर ले लेते थे। इस काम के लिए गैंग के कुछ सदस्य कुछ वेबसाइट के माध्यम से प्रतिष्ठित कंपनियों के फर्जी मोनोग्राम/लोगो लगाकर नियुक्ति पत्र/कॉल लेटर तैयार करते थे।
क्विकर डॉट कॉम की वैधानिकता की हो रही जांच
एएसपी ने बताया कि अभियुक्तों द्वारा जनवरी में ऑनलाइन ठगी के काम की शुरुआत की गई। अब तक करीब 25 लाख रुपये की ठगी लोगों से कर चुके हैं। इनके द्वारा क्विकर डॉट कॉम से जो डाटा खरीदा जाता था, उसकी वैधानिकता के संबंध में जांच की जा रही है। इनके द्वारा कारित घटनाओं के बारे में पूछताछ कर कई राज्यों के विभिन्न शिकायतकर्ताओं द्वारा दर्ज कराई कई शिकायतों का विवरण प्राप्त हुआ है, जिसके बारे में जानकारी की जा रही है।
अलग-अलग राज्यों के इन लोगों से की गई ठगी
भूपेंद्र साहू निवासी रायपुर छत्तीसगढ़ से 63 हजार रुपये, इकरा हाफिज निवासी सहारनपुर से 31 हजार 200 रुपये, निगत गनी निवासी श्रीनगर जम्मू कश्मीर से 16,200 रुपये, देवाशीष सुंदराय निवासी भुवनेश्वर ओडिशा से 17,400 रुपये, रोहित बारा निवासी शिवपुरी मध्य प्रदेश से 6,200 रुपये, कालाराम निवासी अहमदाबाद गुजरात से 6,200 रुपये, आशीष कुमार सिंह निवासी इलाहाबाद उत्तर प्रदेश से 6,200 रुपये, आंचल निवासी मुजफ्फर नगर उत्तर प्रदेश से 6,200 रुपये, निशा सिंह निवासी गोल मार्केट दिल्ली से 6200 रुपये, अनुपमा दास निवासी भदराक ओडिशा से 11,200 रुपये, सूर्यकांत सिंह निवासी गोरखपुर उत्तर प्रदेश से 6,200 रुपये, पिंकी सिसौदिया हाथरस से 1,36,000 रुपये की ठगी की गई।
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ये रहे गिरफ्तार करने वाली टीम के सदस्य
गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक जगदीशचंद्र, निरीक्षक दिनेश कुमार वर्मा, निरीक्षक साइबर सैल मैराज अली, एसआई सुबोध मान साइबर सैल, एचसी कमरुद्दीन, राजेश कुमार, गौरव कुमार साइबर सैल, देवव्रत भारद्वाज साइबर सैल, गौरव कुमार साइबर सैल शामिल हैं।
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