संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
ग्राम पंचायत मानिकपुर में अधूरे निर्माण पर ही तत्कालीन प्रधान व पंचायत सचिव के द्वारा 2.10 लाख रुपये का भुगतान किए जाने को मामला सामने आया है। इस सामुदायिक शौचालय तक जाने के लिए कोई रास्ता तक नहीं हैं, इस कारण इस सामुदायिक शौचालय तक पहुंचने के लिए खेतों में होकर जाना पड़ता है।
इस मामले में डीपीआरओ सुबोध जोशी ने तत्कालीन प्रधान व पंचायत सचिव को वित्तीय अनियमितता के आधार पर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। शासन ने स्पष्ट कहा था कि सामुदायिक शौचालयों का निर्माण आबादी से सटी ग्राम पंचायत की भूमि पर किया जाना चाहिए, जिससे कि ग्रामीणों व आने जाने वाले लोगों को इससे लाभ मिल सके।
डीपीआरओ के निरीक्षण में चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है। ग्राम पंचायत मानिकपुर में सामुदायिक शौचालय का निर्माण ऐसे चयनित स्थल पर कर दिया गया है, जहां आने जाने के लिए रास्ता ही नहीं है। तत्कालीन प्रधान व सचिव के द्वारा अपूर्ण निर्माण की स्थिति में ही संबंधित ठेकेदार को 2.10 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया।
अब इस मामले में डीपीआरओ सुबोध जोशी ने पंचायत सचिव रूप किशोर गर्ग व तत्कालीन प्रधान हरिओम चौधरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने नोटिस के माध्यम से कहा है कि सामुदायिक शौचालय के निर्माण में राजस्व विभाग से समन्वय स्थापित नहीं किया गया।
वहीं अपूर्ण निर्माण कराकर 2.10 लाख रुपये का भुगतान करने के प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। उन्होंने कहा है कि स्पष्टीकरण न देने की दशा में वित्तीय अनियमितता मानते हुए व्यय धनराशि की वसूली की कार्रवाई की जाएगी।