न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
रक्षाबंधन पर बहनों को खड़े होकर सफर नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि निगम के अफसरों ने अधीनस्थों से साफ शब्दों में कहा है कि कोई भी यात्री बसों में खड़े होकर सफर नहीं करें। संचालन के दौरान कोविड के नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए। बस को रूट पर जाने से पहले सैनिटाइज कराया जाए। रूटों पर पर्याप्त संख्या में बसों का इंतजाम किया जाए। इधर, त्योहार के मद्देनजर रोडवेज प्रशासन ने चालक-परिचालक और कार्यशाला कर्मचारियों के अवकाश भी निरस्त कर दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 63 बसें हैं। खर्चा कम करने के लिए एक दर्जन से अधिक बसों को पूर्व में सरेंडर कर दिया गया। अब डिपो के अधिकारी रक्षाबंधन पर आमदनी में सुधार की आस लगाए बैठे हैं। निगम मुख्यालय से निर्देश दिए गए हैं कि बस को रूट पर जाने से पहले सैनिटाइज कराया जाए। बसो में नियमानुसार 50 प्रतिशत ही सवारियों को सफर कराया जाए।
बिना मास्क के कोई भी यात्री बस में सवार नहीं होने पाए। बसों के बेहतर संचालन के लिए सभी सभी कर्मियों के रक्षाबंधन अवधि तक निरस्त कर दिया गया है। हाथरस डिपो की एआरएम शशी रानी का कहना है कि मुख्यालय स्तर से बसों को रूट पर भेजने से पहले सैनिटाइज कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी कर्मियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं।