न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
इस वर्ष जिले में गेहूं की अच्छी-खासी पैदावार हुई है। अब तक नौ हजार से अधिक किसानों ने चार लाख क्विंटल गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा है। इसके साथ जिले में गेहूं की खरीद का आंकड़ा 60 फीसदी से ऊपर पहुंच गया है। पिछले साल के मुकाबले इस बार तीन हजार पंजीकरण अधिक होने के कारण अधिकारियों को अधिक गेहूं आने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि कोरोना कर्फ्यू के चलते जिले भर में गल्ला मंडी बंद है। इसका फायदा क्रय केंद्रों को मिल रहा है। एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद ने मई माह में रफ्तार पकड़ ली है। इस बार 15 हजार किसानों ने केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें से नौ हजार तीन सौ किसानों ने क्रय केंद्रों पर गेहूं पहुंचा दिया है।
करीब छह हजार किसान 15 जून तक अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर पहुंचा चुके हैं। अब तक जिले में चार लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। हालांकि किसानों को गेहूं बेचने के लिए बोरों की समस्या से जूझना पड़ रहा है। अब जिला खाद्य विपणन विभाग ने बोरों की 250 गांठों की मांग गुजरात से की है। एक गांठ में 500 बोरे होते हैं। इनके जल्द ही जिले में आने की उम्मीद है।
अब तक 15 हजार में से नौ हजार तीन सौ किसानों से गेहूं बेचा है। इसके साथ चार लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। इस बार पिछले साल की अपेक्षा तीन हजार पंजीकरण अधिक हुए हैं, इसलिए गेहूं भी अधिक आने की उम्मीद है। बोरों का इंतजाम किया जा रहा है।
-राजेश कुमार, डिप्टी आरएमओ